by: vijay yadav
Bird Mimicry : अमेरिका के ओक्लाहोमा में रहने वाला 12 वर्षीय सैमुअल हेंडरसन अपनी अनोखी प्रतिभा के चलते चर्चा में है। वह अलग-अलग पक्षियों की आवाजों की इतनी सटीक नकल करता है कि कई बार इंसानों के साथ-साथ पक्षियों की पहचान करने वाले मोबाइल ऐप भी उसकी आवाज को असली पक्षी की कॉल समझ लेते हैं। सैमुअल अब तक 130 से अधिक पक्षियों की आवाजें निकालने की क्षमता विकसित कर चुका है।
सैमुअल की खासियत सिर्फ आवाज की नकल तक सीमित नहीं है। वह अलग-अलग प्रजातियों की पहचान और उनके बीच के अंतर के बारे में भी जानकारी रखता है। लाफिंग गुल और हेरिंग गुल जैसी प्रजातियों की आवाजों में अंतर भी वह समझा सकता है।

Bird Mimicry : बचपन में ही शुरू हो गई थी आवाजों की नकल
सैमुअल की मां लोरी हेंडरसन के मुताबिक, बेटे ने बोलना सीखने से पहले ही आसपास सुनाई देने वाली आवाजों की नकल करना शुरू कर दिया था। पक्षियों के प्रति उसकी दिलचस्पी तब और बढ़ी, जब ओक्लाहोमा सिटी चिड़ियाघर में उसने एक डस्टबिन पर बैठे ग्रेट-टेल्ड ग्रैकल की आवाज सुनी और उसी की हूबहू नकल करने की कोशिश की।
यही घटना उसके लिए एक नए शौक की शुरुआत बनी। इसके बाद सैमुअल ने पक्षियों के बारे में पढ़ना शुरू किया और उनकी प्रजातियों, रहन-सहन, रंग-रूप तथा व्यवहार को समझने में रुचि लेने लगा।
Bird Mimicry : स्कूल के टैलेंट शो में दिखाया हुनर
साल 2024 में जब सैमुअल 10 साल का था, तब उसने अपने स्कूल के टैलेंट शो में अपनी इस कला का प्रदर्शन किया। परिवार को शुरुआत में इसे लेकर थोड़ी झिझक थी, लेकिन मंच पर पहुंचने के बाद सैमुअल ने शानदार प्रस्तुति दी।
उसने ग्रेट हॉर्न्ड आउल, वाइल्ड टर्की, कनाडा गूज और रेड-टेल्ड हॉक समेत कई पक्षियों की आवाजों की नकल करके दर्शकों को हैरान कर दिया। कार्यक्रम के बाद स्कूल के दूसरे बच्चों ने भी उसकी प्रतिभा की सराहना की।
बाद में उसकी मां ने कार्यक्रम का वीडियो टिकटॉक पर शेयर किया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचने लगा।
Bird Mimicry : पक्षियों की आवाजों के साथ पहचान भी समझता है
सैमुअल की प्रतिभा का एक और खास पहलू यह है कि वह सिर्फ अलग-अलग आवाजें निकालना नहीं जानता, बल्कि पक्षियों की प्रजातियों को पहचानने में भी रुचि रखता है। वह कई पक्षियों की कॉल के बीच मौजूद बारीक अंतर को समझ सकता है।
उसका यह हुनर इतना प्रभावशाली है कि पक्षियों की आवाज पहचानने वाले ऐप को भी उसकी बनाई आवाज से भ्रम हो जाता है।
Bird Mimicry : भविष्य में पक्षी विज्ञानी बनना चाहता है
सैमुअल की प्रतिभा ने पक्षी विज्ञान से जुड़े लोगों का भी ध्यान आकर्षित किया है। कॉर्नेल लैब ऑफ ऑर्निथोलॉजी की ओर से उसे वहां आने का निमंत्रण मिलने की जानकारी सामने आई है।
सैमुअल का लक्ष्य भविष्य में ऑर्निथोलॉजिस्ट यानी पक्षी विज्ञानी बनने का है। वह आगे चलकर पक्षियों का अध्ययन और उनके व्यवहार पर रिसर्च करना चाहता है।
Bird Mimicry : सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा वीडियो
सैमुअल के वीडियो को सोशल मीडिया यूजर्स से भी काफी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कई लोगों ने उसकी आवाज की नकल करने की क्षमता की तारीफ की, जबकि कुछ यूजर्स ने उसकी मंच पर प्रस्तुति देने की शैली को भी खास बताया।
एक यूजर ने कहा कि लंबे समय से अलग-अलग पक्षियों की आवाजें सुनने के बावजूद सैमुअल की प्रतिभा खास है। वहीं दूसरे यूजर ने उसकी आवाज और प्रस्तुति के तालमेल की तारीफ की।
एक अन्य प्रतिक्रिया में उस पल का जिक्र किया गया जब तेज तालियों के बीच सैमुअल अपने कान ढक लेता है। वहीं कुछ लोगों ने रेड-टेल्ड हॉक की उसकी नकल को बेहद प्रभावशाली बताया।
सैमुअल की कहानी बताती है कि किसी बच्चे की खास रुचि और प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने पर वह किस तरह एक असाधारण हुनर में बदल सकती है।


