Nepal: नेपाल में अगस्त के अंत में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद होने के कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 1,404 हो गई है। वहीं, हजारों लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक करीब 6,150 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि 13,700 से ज्यादा लोगों को अलग-अलग स्थानों से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
नेपाल के अलावा चीन की ओर भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। चीनी क्षेत्र में इस आपदा के कारण 43 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। दोनों देशों में बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षाबलों के साथ तकनीकी विशेषज्ञ भी जुटे हुए हैं।
Nepal: 26 अगस्त को हिमस्खलन के बाद अचानक आई बाढ़ ने मचाई तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक 26 अगस्त को हिमस्खलन के बाद अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हुई थी। इस आपदा ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। हिमालयी क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में पानी का प्रवाह अचानक बढ़ गया, जिसके चलते आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
तेज बहाव में बड़ी संख्या में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई, जबकि पनबिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा। इस आपदा को अब 21 दिन बीत चुके हैं, लेकिन कई प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी राहत और खोज अभियान जारी है।
बाढ़ का सबसे गंभीर असर नदी किनारे बसे इलाकों और उन स्थानों पर पड़ा जहां बड़ी संख्या में लोग और श्रमिक मौजूद थे। कई लोग अचानक आए पानी और मलबे की चपेट में आने के बाद लापता हो गए।
Nepal: चीन में भी बाढ़ से 43 लोगों की मौत, 500 से अधिक लापता
नेपाल के साथ चीन की तरफ भी इस प्राकृतिक आपदा का असर देखने को मिला है। चीनी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ के कारण अब तक 43 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल में चितवन जिला सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, यहां से 364 शव बरामद किए जा चुके हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 232 और नवलपरासी पश्चिम से 222 शव मिले हैं।
इसके अलावा नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनाहुन समेत कई अन्य जिलों से भी शव बरामद किए गए हैं। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाकर लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं।
Nepal: सिर्फ 104 शवों की हो सकी पहचान
बाढ़ के बाद बरामद शवों की पहचान करना प्रशासन और परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक बरामद कुल शवों में से सिर्फ 104 की पहचान हो पाई है। पहचान के बाद इन शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।
कई शव लंबे समय तक पानी और मलबे में रहने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कुछ मामलों में केवल शरीर के हिस्से ही बरामद हो रहे हैं। ऐसे में चेहरे, कपड़े या साथ मिले निजी सामान के आधार पर पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
बाढ़ का पानी शवों को बहाकर काफी दूर तक ले गया, जिससे अलग-अलग जिलों में बरामद शवों को उनके मूल स्थान से जोड़ना भी बचाव एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
Nepal: लापता लोगों की तलाश में डीएनए जांच पर जोर
बड़ी संख्या में शवों की पहचान नहीं हो पाने के कारण डीएनए जांच की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक कई मामलों में वैज्ञानिक तरीके से पहचान करने के लिए डीएनए परीक्षण आवश्यक होगा। हालांकि, यह प्रक्रिया समय लेने वाली है और इसमें नमूने जुटाने से लेकर मिलान करने तक कई चरण शामिल होते हैं।
लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इन इलाकों में कई पनबिजली परियोजनाएं भी हैं, जहां बड़ी संख्या में काम करने वाले श्रमिकों के अब तक लापता होने की जानकारी सामने आई है।
खोज एवं बचाव अभियान में नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के साथ विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। दल मलबे, सुरंगों और क्षतिग्रस्त परियोजना स्थलों की जांच कर रहे हैं।
Nepal: चिलिमे पनबिजली परियोजना से मिले 5 शव
भारत में नेपाल के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने चिलिमे पनबिजली परियोजना में भी अभियान चलाया। कई दिनों तक गाद और कीचड़ हटाने के बाद बचाव दल परियोजना के बिजलीघर तक पहुंचने में सफल रहे।
इसके बाद सुरंग के अंदर से पांच लोगों के शव बरामद किए गए। इस अभियान में भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने मिलकर काम किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मात्रा में जमा मलबे के कारण बचाव कार्य में काफी समय लगा।
पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले कई कर्मचारियों और श्रमिकों के लापता होने की वजह से ऐसे स्थानों पर खोज अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
Nepal: हजारों लापता लोगों की तलाश अब भी जारी
नेपाल में 1,404 लोगों की मौत की पुष्टि के बावजूद राहत और खोज अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। करीब 6,150 लोगों के लापता होने की जानकारी के बाद सुरक्षाबल और बचाव दल अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में तलाश जारी रखे हुए हैं।
अब तक 13,700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, लेकिन कई दुर्गम इलाकों में पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है। लगातार मलबा हटाने, शवों की पहचान करने और लापता लोगों की जानकारी जुटाने का काम चल रहा है।
प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाने के साथ-साथ बरामद शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाना है। डीएनए जांच, फोरेंसिक तकनीक और खोजी अभियानों के जरिए इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।


