India Iran Relation: ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की हालिया मुलाकात के बाद भारत के साथ अपने रिश्तों को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध केवल मौजूदा कूटनीतिक जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि तेहरान भारत के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देता है।
ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की नई दिल्ली यात्रा प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर अहम मानी जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के सम्मेलन के दौरान हुई थी। इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी हित के मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के संकेत मिले थे।
India Iran Relation: ईरानी प्रवक्ता ने भारत की जमकर तारीफ की
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने भारत के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को लेकर भी सकारात्मक बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान भारत के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों का इस्तेमाल आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए करना चाहता है। उनके मुताबिक, भारत उन देशों में शामिल है जिनके साथ ईरान के कई क्षेत्रों में अच्छे संबंध हैं।
बाकेई ने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स दोनों का सदस्य है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों पर भी लगातार संवाद के अवसर मौजूद रहते हैं। उन्होंने खास तौर पर व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों का उल्लेख किया।
India Iran Relation: भारत-ईरान के रिश्ते पुराने और सभ्यतागत
ईरानी प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मुलाकात का जिक्र करते हुए दोनों देशों के बीच पुराने संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पेजेश्कियान ने जिन महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया, उनमें भारत के प्रधानमंत्री के साथ हुई बैठक भी शामिल थी।
बाकेई के अनुसार, भारत और ईरान के रिश्ते ऐतिहासिक और सभ्यतागत आधार पर बने हैं। दोनों देशों के बीच सदियों से सांस्कृतिक संपर्क रहा है और समय के साथ इन संबंधों ने व्यापार, ऊर्जा, परिवहन और क्षेत्रीय सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में नया रूप लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान भारत के साथ इस रिश्ते को महत्वपूर्ण मानता है और इसे आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखेगा।
India Iran Relation: 31 अगस्त को बिश्केक में हुई थी मोदी-पेजेश्कियान मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित एससीओ सम्मेलन के दौरान हुई थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
इस बैठक के बाद अब ईरान की ओर से भारत के साथ रिश्तों को लेकर आया बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के बीच आगे बातचीत होने की संभावना है।
India Iran Relation: BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे मसूद पेजेश्कियान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आया है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शामिल होने की बात कही गई है।
ईरान इस सम्मेलन को भारत के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर बातचीत आगे बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रहा है। बाकेई ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान भारत के साथ आपसी हित वाले क्षेत्रों पर बातचीत और विचार-विमर्श को आगे जारी रखेगा।
India Iran Relation: चाबहार पोर्ट पर भी बातचीत की उम्मीद
भारत और ईरान के बीच बातचीत में चाबहार पोर्ट का मुद्दा भी लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाली चर्चाओं में कई मुद्दे शामिल रहते हैं और इनमें चाबहार बंदरगाह भी प्रमुख है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके जरिए भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक वैकल्पिक संपर्क मार्ग विकसित करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में भारत और ईरान के बीच चाबहार से जुड़े सहयोग को दोनों देशों के व्यापक आर्थिक और क्षेत्रीय हितों से जोड़कर देखा जाता है।
India Iran Relation: आर्थिक और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर
ईरान की ओर से भारत के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने संकेत दिया कि दोनों देश अपने मौजूदा कूटनीतिक रिश्तों का इस्तेमाल व्यापार और आर्थिक सहयोग को और विस्तार देने के लिए कर सकते हैं।
भारत और ईरान के बीच ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान होने वाली बातचीत में इन मुद्दों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।
India Iran Relation: BRICS और SCO के जरिए बढ़ रहा संवाद
भारत और ईरान दोनों ही ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय मंचों से जुड़े हुए हैं। इससे दोनों देशों को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ नियमित संवाद का अवसर मिलता है। ईरान की ओर से भारत के साथ बेहतर संबंधों पर जोर दिए जाने को इसी व्यापक कूटनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
बाकेई ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत की ब्रिक्स और एससीओ में मौजूदगी दोनों देशों के बीच संवाद के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। ईरान इन मंचों के साथ-साथ द्विपक्षीय स्तर पर भी भारत के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
India Iran Relation: भारत के साथ रिश्ते लगातार बेहतर होने का दावा
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत और ईरान के संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि तेहरान आने वाले समय में नई दिल्ली के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की नई दिल्ली यात्रा इस लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। सम्मेलन से इतर दोनों देशों के बीच चाबहार पोर्ट, व्यापार, आर्थिक सहयोग और अन्य आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।


