Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के बिछोम क्षेत्र में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.9 दर्ज की गई। भूकंप सुबह 5 बजकर 44 मिनट 15 सेकंड पर आया। कम तीव्रता के कारण यह झटका सीमित क्षेत्र में महसूस किया गया।
Arunachal Pradesh: जमीन के अंदर 10 किलोमीटर गहराई पर था केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 27.540 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 92.817 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई। भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भूकंप का केंद्र तवांग के आसपास के क्षेत्र में बताया जा रहा है।
Arunachal Pradesh: फिलहाल बड़े नुकसान की जानकारी नहीं
An earthquake of magnitude 2.9 on the Richter scale occurred in Bichom, Arunachal Pradesh. pic.twitter.com/T4FOVhheCE
— ANI (@ANI) September 8, 2026
भूकंप की तीव्रता कम होने के चलते फिलहाल इससे किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, पहाड़ी और भूकंप संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे झटके चिंता का विषय बन सकते हैं। स्थानीय स्तर पर किसी तरह के नुकसान या अन्य प्रभाव की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
Arunachal Pradesh: अफगानिस्तान में भी आया था 4.1 तीव्रता का भूकंप
इससे एक दिन पहले सोमवार सुबह अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, वहां भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई थी। यह भूकंप सुबह करीब 5 बजकर 36 मिनट पर आया था।
अफगानिस्तान में आए भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 130 किलोमीटर की गहराई पर था। इतनी अधिक गहराई पर आने वाले भूकंप के झटके कई क्षेत्रों में महसूस किए जाने की संभावना रहती है। हालांकि, उस घटना से जुड़े बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई थी।
Arunachal Pradesh: तिब्बत में 5.0 तीव्रता के भूकंप से हिली थी धरती
इससे पहले तिब्बत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 दर्ज की गई थी। यह भूकंप दोपहर करीब 1 बजकर 46 मिनट पर आया था।
NCS के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 14 किलोमीटर नीचे था। इसका केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया था। उस समय भी किसी तरह के बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई थी।
Arunachal Pradesh: आखिर क्यों आते हैं भूकंप के झटके?
भूकंप धरती की सतह पर अचानक होने वाला कंपन है। इसका मुख्य कारण पृथ्वी के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल होती है। पृथ्वी की ऊपरी परत कई बड़े हिस्सों में विभाजित है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट कहा जाता है। ये प्लेटें लगातार बेहद धीमी गति से गतिशील रहती हैं।
जब दो प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं या उनके बीच खिसकने की प्रक्रिया होती है, तो चट्टानों और प्लेटों के किनारों पर दबाव बढ़ता जाता है। लंबे समय तक जमा हुआ यह तनाव जब अचानक बाहर निकलता है, तो ऊर्जा तरंगों के रूप में फैलती है। इन्हीं तरंगों के कारण धरती में कंपन पैदा होता है और हमें भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
Arunachal Pradesh: भूकंप की तीव्रता और नुकसान का संबंध
भूकंप से होने वाला नुकसान केवल उसकी तीव्रता पर निर्भर नहीं करता। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, स्थानीय जमीन की प्रकृति और इमारतों की मजबूती भी इसके प्रभाव को प्रभावित करती है। कम तीव्रता का भूकंप आमतौर पर सीमित प्रभाव डालता है, जबकि अधिक तीव्रता और कम गहराई वाला भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
अरुणाचल प्रदेश जैसे भूकंप संभावित क्षेत्रों में छोटे झटके भी समय-समय पर महसूस किए जाते हैं। इसलिए भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है।


