CM: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओरछा प्रवास के दौरान ऐतिहासिक श्री राम राजा मंदिर और राम राजा लोक से जुड़े विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ओरछा प्रदेश की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। सरकार यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को उनके मूल स्वरूप में संरक्षित करने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री ने श्री राम राजा लोक में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन किया और अधिकारियों से परियोजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्यों को बेहतर गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
CM: राजा राम मंदिर हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओरछा का श्री राम राजा मंदिर प्रदेश की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा है। बुंदेला शासकों ने यहां की स्थापत्य कला के जरिए ऐसी विरासत तैयार की, जो आज भी लोगों को प्राचीन संस्कृति और इतिहास से जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि ओरछा कभी बुंदेलखंड की राजधानी के रूप में जाना जाता था। यहां मौजूद पुराने भवन, संरचनाएं और स्थापत्य आज भी उस गौरवशाली अतीत की याद दिलाते हैं। सरकार इन धरोहरों को संरक्षित करने और उन्हें नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।
CM: मूल स्वरूप में संरक्षित होंगी पुरानी इमारतें
सीएम ने कहा कि ओरछा की ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और पुनर्निर्माण में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि उनका मूल स्वरूप बरकरार रहे। इसके लिए पुराने निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और पारंपरिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस काम में कुशल कारीगरों की मदद ली जा रही है, ताकि ऐतिहासिक संरचनाओं की पहचान और उनकी स्थापत्य शैली से किसी तरह का समझौता न हो। सरकार का उद्देश्य ओरछा की विरासत को जीवंत स्वरूप में आगे बढ़ाना है।
CM: राम राजा लोक से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके निर्माण के बाद वहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिला है।
इसी तरह प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। ओरछा में बन रहा भव्य श्री राम राजा लोक भी धार्मिक पर्यटन को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण प्रकल्प होगा। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
CM: चित्रकूट और ओरछा को धार्मिक विरासत से जोड़ने पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े स्थलों के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में लंबा समय चित्रकूट में बिताया था। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित कर आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों के विकास और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के जरिए मध्यप्रदेश को देश-दुनिया के प्रमुख पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
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