MP Development Roadmap मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में मध्यप्रदेश के विकास, निवेश और औद्योगिक संभावनाओं को लेकर सरकार की रणनीति सामने रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है और पिछले एक साल में करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आया है।
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मॉडल को मिली सराहना
MP Development Roadmap मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान लंबे समय तक कृषि आधारित राज्य के रूप में रही है, लेकिन अब सरकार उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर भी तेजी से काम कर रही है। भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले संभाग और जिला स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए।

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश के इस मॉडल को दूसरे राज्यों से भी सराहना मिली है। सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए और गैरजरूरी कानूनों व प्रक्रियाओं को हटाया है।
2700 से ज्यादा सर्कुलर खत्म, निवेशकों के लिए आसान हुई प्रक्रिया
MP Development Roadmap डॉ. यादव के अनुसार, प्रदेश में जन विश्वास अधिनियम लागू करने के साथ 900 से अधिक गैरजरूरी कानून समाप्त किए गए हैं। इसके अलावा 2700 से ज्यादा ऐसे सर्कुलर भी हटाए गए, जिन्हें सरकार ने अनावश्यक माना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों से प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिला है। सरकार का दावा है कि निवेशकों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज की गई है। अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी
MP Development Roadmap मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी औद्योगिक क्षमता है और सरकार उसी के अनुसार विकास की योजना बना रही है। मालवा क्षेत्र में कॉटन आधारित गारमेंट उद्योग, सीधी-सिंगरौली में ऊर्जा और खनन आधारित उद्योग तथा नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में औद्योगिक पार्क विकसित किया जा रहा है।
ग्वालियर क्षेत्र में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की योजना है। वहीं झांसी से सटे इलाकों में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य और ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए 24 नीतियां लागू की गई हैं।




