BY: Yoganand Shrivastva
US Immigration Rule Changes अमेरिका में पढ़ाई और नौकरी कर रहे भारतीयों के लिए 15 सितंबर 2026 से इमिग्रेशन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) फॉर्म I-539 और I-765 के नए संस्करण लागू करने जा रही है। तय तारीख के बाद पुराने संस्करणों पर दाखिल किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
फॉर्म I-539 का इस्तेमाल अमेरिका में नॉन-इमिग्रेंट स्टेटस को बढ़ाने या बदलने के लिए किया जाता है, जबकि I-765 रोजगार की अनुमति यानी Employment Authorization के लिए इस्तेमाल होता है। इसका सीधा असर उन भारतीय छात्रों और वर्कर्स पर पड़ सकता है, जिन्हें इन फॉर्म के जरिए अपनी इमिग्रेशन या वर्क परमिशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी है।
पुराने फॉर्म पर नहीं मिलेगा ग्रेस पीरियड
US Immigration Rule Changes: USCIS के मुताबिक 15 सितंबर या उसके बाद आवेदन करने वाले लोगों को नए संस्करण वाले फॉर्म का ही इस्तेमाल करना होगा। पुराने संस्करण पर भेजे गए आवेदन रिजेक्ट किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि नए फॉर्म लागू होने के बाद पुराने फॉर्म के लिए कोई अतिरिक्त ग्रेस पीरियड नहीं दिया जाएगा।
भारतीय आवेदकों के लिए फॉर्म पर दर्ज Edition Date को जांचना बेहद जरूरी होगा। 15 सितंबर से पहले दाखिल किए जाने वाले आवेदन के लिए उस समय लागू संस्करण का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, 15 सितंबर या उसके बाद आवेदन करने वालों को नया संस्करण ही चुनना होगा।
OPT और इमिग्रेशन स्टेटस पर पड़ेगा असर
US Immigration Rule Changes: फॉर्म I-765 विशेष रूप से उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद OPT (Optional Practical Training) के तहत अमेरिका में काम करना चाहते हैं। वहीं I-539 का इस्तेमाल योग्य नॉन-इमिग्रेंट्स द्वारा अपने स्टेटस को बढ़ाने या बदलने के लिए किया जाता है।
USCIS ने नए फॉर्म को हालिया इमिग्रेशन नियमों के अनुरूप तैयार किया है। एजेंसी ने बदले हुए फॉर्म और उनके निर्देशों के प्रीव्यू उपलब्ध करा दिए हैं, लेकिन आवेदकों को नए संस्करण का इस्तेमाल 15 सितंबर से पहले नहीं करने की सलाह दी गई है।
इसलिए भारतीय स्टूडेंट्स, वर्कर्स और अन्य योग्य नॉन-इमिग्रेंट्स को आवेदन दाखिल करने से पहले फॉर्म का सही Edition Date और USCIS के मौजूदा निर्देश जरूर जांचने चाहिए। गलत या पुराने फॉर्म के इस्तेमाल से आवेदन रिजेक्ट होने का जोखिम रह सकता है।




