Dr Mohan Yadav Statement भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित ‘संसद यूथ पार्लियामेंट 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस आयोजन में देश के 12 राज्यों से आए 52 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले विधानसभा का यह आयोजन देश की विविधता और एकता का प्रतीक बन गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं समाज और देश के विकास की दिशा तय करती हैं। उन्होंने युवा संसद में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए इसे महिलाओं को मिले 33 प्रतिशत आरक्षण के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण बताया।
Dr Mohan Yadav Statement समान अधिकार और समान कानून की वकालत
Dr Mohan Yadav Statement मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सिद्धांत पर आधारित है, जहां सभी को समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी व्यक्ति के साथ धर्म या समुदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस विषय पर सभी वर्गों और समुदायों से सुझाव प्राप्त किए हैं। उनका कहना था कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और समाज में न्याय की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।
Dr Mohan Yadav Statement युवाओं से राजनीति और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
डॉ. मोहन यादव ने युवाओं से केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहने, बल्कि नेतृत्व और जनसेवा के क्षेत्र में भी आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशों के साथ-साथ युवाओं को राजनीति में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, ताकि लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो सके।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
Dr Mohan Yadav Statement निवेश, शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। युवा प्रतिनिधियों ने प्रदेश में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।



