संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Government School Headmaster मुरैना जिले के कैलारस जनपद स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय पोखर का पुरा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पदस्थ हेडमास्टर अनुपस्थित मिले, जबकि बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी एक निजी शिक्षिका संभाल रही थी। निरीक्षण के समय स्कूल में 16 विद्यार्थी उपस्थित थे।
जिला शिक्षा अधिकारी बी.एस. इन्दोलिया द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि विद्यालय में नियमित शिक्षक की जगह एक निजी शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही थी, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
Government School Headmaster निजी शिक्षिका ने खोली व्यवस्था की पोल
Government School Headmaster निरीक्षण के दौरान पूछताछ में निजी शिक्षिका प्रीति रावत ने बताया कि वह पिछले करीब एक महीने से विद्यालय में पढ़ा रही हैं और इसके लिए उन्हें 4500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि विद्यालय के हेडमास्टर अमरलाल रावत ने ही उन्हें पढ़ाने के लिए रखा था।

शिक्षिका के अनुसार, हेडमास्टर नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी अन्य निजी शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के लिए आते रहे हैं। इस खुलासे ने सरकारी स्कूलों में निगरानी और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Government School Headmaster डीईओ ने जारी किया नोटिस, कार्रवाई की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने हेडमास्टर अमरलाल रावत को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालय में निजी व्यक्ति को पढ़ाने के लिए नियुक्त करना नियमों के विरुद्ध है।
डीईओ के अनुसार, पूरे मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। जांच और जवाब के आधार पर संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ निलंबन या अन्य विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल विभागीय जांच जारी है। अब यह स्पष्ट किया जाएगा कि निजी शिक्षिका की नियुक्ति किन परिस्थितियों में हुई और विद्यालय में ऐसी व्यवस्था कब से संचालित की जा रही थी।



