Khabar hatke: दुनिया में कई ऐसे जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनकी जीवनशैली और जीवित रहने की क्षमता वैज्ञानिकों को भी आकर्षित करती है। ऐसी ही एक अनोखी मछली है लंगफिश (Lungfish)। आमतौर पर मछलियों के लिए पानी जीवन का आधार माना जाता है, लेकिन लंगफिश की कुछ प्रजातियां लंबे समय तक पानी के बाहर भी जीवित रह सकती हैं। सूखे के दौरान यह मछली खुद को मिट्टी के अंदर सुरक्षित कर लेती है और अनुकूल परिस्थितियां लौटने का इंतजार करती है।
Khabar hatke: हवा से सांस लेने में सक्षम है लंगफिश
लंगफिश मीठे पानी में रहने वाली मछली है, जिसका शरीर लंबा और पतला होता है। इसकी बनावट कुछ हद तक ईल जैसी दिखाई देती है। इसके पतले पंख पानी में तैरने के साथ-साथ जमीन पर रेंगने में भी मदद करते हैं। यह आमतौर पर दलदली इलाकों, उथले तालाबों और झीलों जैसे जलस्रोतों में पाई जाती है।
इस मछली की सबसे खास विशेषता इसका श्वसन तंत्र है। लंगफिश की कुछ प्रजातियां फेफड़ों जैसे अंगों की मदद से सीधे हवा से ऑक्सीजन ले सकती हैं। यही क्षमता इसे सामान्य मछलियों से काफी अलग बनाती है। पानी उपलब्ध होने पर यह छोटे जलीय जीवों और अन्य छोटे जीवों को भोजन के रूप में ग्रहण करती है।
Khabar hatke: सूखा पड़ते ही मिट्टी के अंदर छिप जाती है
लंगफिश के जीवन का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आता है, जब जिस जलस्रोत में वह रहती है, वह सूखने लगता है। भीषण गर्मी और लंबे सूखे के दौरान यह मछली मिट्टी में एक गहरा गड्ढा बनाकर उसके अंदर चली जाती है। इसके बाद शरीर से निकलने वाला एक विशेष म्यूकस सूखकर उसके चारों ओर सुरक्षात्मक परत बना देता है।
इस अवस्था में मछली का शरीर काफी हद तक निष्क्रिय हो जाता है और उसका मेटाबॉलिज्म बहुत धीमा पड़ जाता है। इससे उसे बेहद कम ऊर्जा की जरूरत होती है। इसी तरह वह लंबे समय तक प्रतिकूल मौसम का सामना करने में सक्षम हो जाती है।
Khabar hatke: शरीर के ऊतकों से मिलती है ऊर्जा
लंबे समय तक सूखे की स्थिति में रहने के दौरान लंगफिश अपने शरीर में जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करती है। कुछ प्रजातियां अपनी पूंछ में मौजूद मांसपेशियों के ऊतकों को धीरे-धीरे ऊर्जा के स्रोत के रूप में इस्तेमाल करती हैं। इस प्रक्रिया के कारण पानी और भोजन की अनुपस्थिति में भी वह लंबे समय तक जीवित रह सकती है।
जब बारिश लौटती है और सूखी मिट्टी दोबारा नम होने लगती है, तो लंगफिश अपनी निष्क्रिय अवस्था से बाहर आने लगती है। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर वह फिर से सक्रिय होकर पानी में लौट जाती है।
Khabar hatke: कई साल तक पानी के बिना रहने की क्षमता
लंगफिश की कुछ प्रजातियों के बारे में बताया जाता है कि वे सूखे की स्थिति में कई वर्षों तक इसी निष्क्रिय अवस्था में जीवित रह सकती हैं। हालांकि, यह क्षमता प्रजाति और पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसी असाधारण अनुकूलन के कारण लंगफिश को पृथ्वी के सबसे रोचक जलीय जीवों में गिना जाता है।
Khabar hatke: अफ्रीका से ऑस्ट्रेलिया तक मिलती हैं प्रजातियां
लंगफिश की विभिन्न प्रजातियां अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती हैं। इन क्षेत्रों में मौसमी सूखा आम होने के कारण पानी की कमी से बचने की इसकी क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। कुछ स्थानों पर स्थानीय समुदाय पारंपरिक रूप से सूखे के दौरान मिट्टी खोदकर लंगफिश को निकालते भी रहे हैं।
लंगफिश की जीवनशैली यह दिखाती है कि प्रकृति में जीवों ने कठिन परिस्थितियों से बचने के लिए कितने अद्भुत तरीके विकसित किए हैं। पानी में रहने वाली इस मछली का वर्षों तक सूखे का सामना कर पाना इसे दुनिया के सबसे असाधारण जलीय जीवों में शामिल करता है।
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