by: vijay nandan yadav
Manmohan Singh Coal Block Case : नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे तलाबीरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटन मामले को समाप्त कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई की ओर से वर्ष 2014 में दाखिल की गई दोनों क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला चलाने के लिए पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं थे।
Manmohan Singh Coal Block Case : यह मामला यूपीए सरकार के दौरान ओडिशा स्थित तलाबीरा-II कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। सीबीआई ने जांच के बाद अगस्त और अक्टूबर 2014 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर डॉ. मनमोहन सिंह को राहत देने की सिफारिश की थी। हालांकि, वर्ष 2015 में विशेष सीबीआई अदालत ने इन रिपोर्टों को अस्वीकार कर दिया और पूर्व प्रधानमंत्री सहित अन्य आरोपियों को ट्रायल का सामना करने के लिए तलब कर लिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

Manmohan Singh Coal Block Case : मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि विशेष अदालत ने सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत छह लोगों के खिलाफ संज्ञान लिया था, जबकि ऐसा करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं था।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और ए.एम. सिंघवी ने दलील दी कि सीबीआई ने विस्तृत जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया और 11 मार्च 2015 को समन जारी कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यक सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हुए बिना ही आगे की कार्रवाई की गई थी।
Manmohan Singh Coal Block Case : सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विशेष अदालत के पास क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने के लिए कोई ठोस और विश्वसनीय कारण नहीं था। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मामले को मेरिट के आधार पर समाप्त कर दिया।
गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 सितंबर 2024 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। अदालत का यह फैसला लंबे समय से लंबित इस मामले का अंतिम निष्कर्ष माना जा रहा है।
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