Indore Musakhedi Overbridge Inspection मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर में निर्माणाधीन मुसाखेड़ी ओवरब्रिज का जमीनी निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचे कलेक्टर ने निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व निर्माण एजेंसी से अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने फ्लाईओवरों के काम में तेजी लाने और तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

Indore Musakhedi Overbridge Inspection तय समय-सीमा में काम पूरा करने की हिदायत, लापरवाही पर दी चेतावनी
कलेक्टर शिवम वर्मा ने मुसाखेड़ी ओवरब्रिज की साइट पर मौजूद इंजीनियर्स और ठेकेदारों को स्पष्ट लहजे में निर्देशित किया कि निर्माण की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि तय डेडलाइन (समय-सीमा) के भीतर ही इस ओवरब्रिज का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए, ताकि आम जनता को लंबे समय तक असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्य की डेली मॉनिटरिंग (नियमित निगरानी) की जाए और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Indore Musakhedi Overbridge Inspection ‘गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं’— मुसाखेड़ी ब्रिज से सुधरेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्रियों और तकनीकी मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने दोटूक कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता और मजबूती से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने बताया कि मुसाखेड़ी क्षेत्र में इस ओवरब्रिज के बन जाने से स्थानीय और बाहरी वाहनों की आवाजाही को एक नया व सुरक्षित रास्ता मिलेगा, जिससे इस रूट पर लगने वाले रोजाना के भारी ट्रैफिक जाम से लोगों को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

Indore Musakhedi Overbridge Inspection मुसाखेड़ी के बाद शहर के अन्य निर्माणाधीन ब्रिजों का भी लिया जायजा

प्रशासनिक अमले के साथ निकले इंदौर कलेक्टर केवल मुसाखेड़ी तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने इंदौर शहर के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे अन्य कई ओवरब्रिज और फ्लाईओवर निर्माण कार्यों का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सभी साइट्स पर सुरक्षा मानकों का पालन करने और बारिश के मौसम के मद्देनजर काम को प्रभावित होने से बचाने के लिए तकनीकी रूप से ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि इंदौर की सड़कों को जल्द से जल्द गड्ढा-मुक्त और सुचारू बनाया जा सके।





