रिपोर्ट: अजीत कुमार ठाकुर
ABVP Prant Abhyas Varg Supaul अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तर बिहार प्रांत के चार दिवसीय ‘प्रांत अभ्यास वर्ग’ का भव्य शुभारंभ शुक्रवार को सुपौल के राधेश्याम टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज परिसर में हुआ। भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस प्रशिक्षण शिविर में उत्तर बिहार के 36 संगठनात्मक जिलों से आए 300 से अधिक छात्र-छात्रा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। आगामी चार दिनों तक चलने वाले इस वर्ग में राष्ट्र निर्माण और छात्र नेतृत्व विकास पर गहन मंथन होगा।
ABVP Prant Abhyas Varg Supaul संस्कारित युवा शक्ति ही बदलेगी देश का भविष्य
ABVP Prant Abhyas Varg Supaul उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता और क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने अपने संबोधन में बिहार की गौरवशाली और ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नालंदा और विक्रमशिला जैसी पावन भूमियों ने कभी दुनिया को राह दिखाई थी। अभाविप का यह अभ्यास वर्ग केवल संगठन के विस्तार का जरिया नहीं है, बल्कि युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदार, संवेदनशील और सक्षम नागरिक बनाने की एक बड़ी कार्यशाला है। जब तक हमारी छात्र शक्ति संस्कारित और जागरूक नहीं होगी, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा है।
ABVP Prant Abhyas Varg Supaul केवल आंदोलन नहीं, व्यक्तित्व निर्माण है अभाविप का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रांत अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी ने कहा कि अभाविप आज विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है, जिसका आधार ‘ज्ञान, शील और एकता’ है। परिषद केवल कैंपस की राजनीति या आंदोलनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। वहीं, प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार और प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने बताया कि इस शिविर में कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), व्यक्तित्व विकास, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सेवा कार्यों की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, ताकि वे समाज की सेवा में अग्रणी भूमिका निभा सकें।
ABVP Prant Abhyas Varg Supaul सुपौल में कार्यकर्ताओं का दिखा अनूठा अनुशासन और उत्साह
इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय कार्यकर्ता पिछले कई हफ्तों से दिन-रात जुटे हुए थे। शिविर में आए अतिथियों और प्रतिनिधियों के लिए आवास, भोजन, पंजीकरण और चिकित्सा जैसी तमाम व्यवस्थाएं कार्यकर्ताओं ने खुद संभाली हैं। वरिष्ठ पदाधिकारियों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में होने वाली समूह चर्चाओं और वैचारिक सत्रों के माध्यम से यह अभ्यास वर्ग उत्तर बिहार के युवाओं में राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का एक बड़ा माध्यम साबित होने जा रहा है।
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