Vintage Songs : 1960 का दशक हिंदी फिल्म संगीत का स्वर्णिम दौर था, जब कई ऐसे सदाबहार गाने बने जो आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में खास जगह रखते हैं।
Vintage Songs : 1960 का दशक हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास का एक ऐसा दौर माना जाता है, जिसने भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए। इस समय के गानों में भावनाओं, काव्य और मधुर संगीत का ऐसा संगम देखने को मिला, जो आज भी श्रोताओं को आकर्षित करता है। आइए जानते हैं 60 के दशक के 10 ऐसे गानों के बारे में, जिन्होंने समय की कसौटी पर खुद को साबित किया।

Vintage Songs : 60 के दशक के इन गानों ने बनाई थी अलग पहचान
1 अजीब दास्तां है ये
फिल्म दिल अपना और प्रीत पराई, का यह गीत 1960 के सबसे लोकप्रिय गानों में गिना जाता है। इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार शैलेन्द्र ने लिखे थे, जबकि संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। लता मंगेशकर की मधुर आवाज ने इस गीत को अमर बना दिया।
2 प्यार किया तो डरना क्या
फिल्म मुगल-ए-आज़म का यह गीत भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। गीतकार शकील बदायूंनी और संगीतकार नौशाद की जोड़ी ने इस गीत को यादगार बनाया। लता मंगेशकर की गायकी ने इसकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
3 अभी न जाओ छोड़कर
1961 में रिलीज हुई फिल्म हम दोनों का यह रोमांटिक गीत आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है। साहिर लुधियानवी के लिखे बोल और जयदेव के संगीत ने इसे खास बनाया। मोहम्मद रफी और आशा भोसले की जुगलबंदी इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
4 जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा
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फिल्म ताजमहल का यह गीत प्रेम और समर्पण की भावना को दर्शाता है। इसके गीतकार साहिर लुधियानवी थे, जबकि संगीत रोशन ने तैयार किया था। मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर की आवाज ने इसे सदाबहार बना दिया।
5 लग जा गले
1964 में आई फिल्म वो कौन थी का यह गीत आज भी रोमांटिक गीतों की सूची में शीर्ष स्थानों पर शामिल किया जाता है। राजा मेहदी अली खान के शब्दों और मदन मोहन के संगीत ने इसे कालजयी बना दिया। लता मंगेशकर की आवाज ने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाया।
6 आज फिर जीने की तमन्ना है
फिल्म गाइड का यह गीत जीवन में नई शुरुआत और आत्मविश्वास का संदेश देता है। शैलेन्द्र द्वारा लिखे गए इस गीत को एस.डी. बर्मन ने संगीत दिया था। लता मंगेशकर की गायकी ने इसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया।
7 बहारों फूल बरसाओ
फिल्म सूरज का यह गीत 1966 के सबसे बड़े हिट गानों में शामिल था। इसके बोल हसरत जयपुरी ने लिखे थे और संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। मोहम्मद रफी की शानदार आवाज ने इसे अमर बना दिया।
8 मेरे सपनों की रानी
फिल्म आराधना का यह गीत किशोर कुमार के सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है। आनंद बक्शी द्वारा लिखे गए इस गीत को एस.डी. बर्मन ने संगीतबद्ध किया था। यह गीत आज भी युवा पीढ़ी के बीच पसंद किया जाता है।
9 ये रेशमी जुल्फें
1969 में रिलीज हुई फिल्म दो रास्ते का यह गीत अपने मधुर संगीत और खूबसूरत बोलों के लिए जाना जाता है। आनंद बक्शी के गीत और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने इसे एक अलग पहचान दी। मोहम्मद रफी की गायकी ने इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाया।
10 चौदहवीं का चांद हो
फिल्म चौदहवीं का चांद का यह गीत हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय रोमांटिक गीतों में शामिल है। इसके बोल शकील बदायूंनी ने लिखे थे और संगीत रवि ने दिया था। मोहम्मद रफी की आवाज ने इसे संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा के लिए जगह दिला दी।
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