संवाददाता: रत्नेश डेहरिया
Tiger Body Parts Smuggling धनवान बनने और अंधविश्वास के चक्कर में बेजुबान वन्यजीवों की बलि चढ़ाने वाले एक गिरोह का वन विभाग ने भंडाफोड़ किया है। हर्रई के जमुनिया क्षेत्र में बाघ के अंगों की तस्करी और उसके जरिए तंत्र-मंत्र करने की फिराक में घूम रहे पांच आरोपियों को वन विभाग की टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपियों के पास से बाघ की खाल, खोपड़ी और नाखूनों समेत भारी मात्रा में प्रतिबंधित अंग बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से इलाके के शिकारियों और वन्यजीव तस्करों में हड़कंप मच गया है।
Tiger Body Parts Smuggling मुखबिर की सूचना पर वन विभाग ने की छापामार कार्रवाई
वन विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि जमुनिया इलाके में कुछ तस्कर बाघ के अंगों का सौदा करने और तांत्रिक क्रिया को अंजाम देने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक करते हुए वन अमले ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और संदेही ठिकानों पर अचानक छापामार कार्रवाई की। घेराबंदी कर जब संदिग्धों की सघन तलाशी ली गई, तो उनके पास से प्रतिबंधित वन्यप्राणी अंग बरामद हुए, जिन्हें देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।

Tiger Body Parts Smuggling बाघ की खाल, खोपड़ी और चारों पंजे बरामद
वन विभाग ने आरोपियों के कब्जे से जो प्रतिबंधित सामग्री जब्त की है, उसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- बाघ की खाल (01 नग)
- बाघ की खोपड़ी (01 नग)
- बाघ के पंजे नाखूनों सहित (04 नग)
वन अमले ने सभी अंगों को विधिवत सील कर अपने नियंत्रण में ले लिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ग्रामीण अंचलों में यह अंधविश्वास फैला है कि बाघ के अंगों की पूजा करने से ‘धन वर्षा’ यानी नोटों की बारिश होती है। इसी लालच और अंधविश्वास के वशीभूत होकर आरोपियों ने इस खूंखार वन्यजीव की हत्या कर दी।
Tiger Body Parts Smuggling वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज, मुख्य सरगना की तलाश
पकड़े गए सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न गंभीर, गैर-जमानती और संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग की टीम अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस पूछताछ से क्षेत्र में सक्रिय अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है और इसके मुख्य सरगनाओं को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।





