Overseas Scholarship Scheme : मध्यप्रदेश की छात्रवृत्ति योजना से साकार हुआ सपना, बालाघाट के राजवर्धन का लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में चयन

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Overseas Scholarship Scheme : ग्रामीण परिवेश से अंतरराष्ट्रीय संस्थान तक पहुंचा बालाघाट का प्रतिभाशाली छात्र

Overseas Scholarship Scheme : मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील के ग्राम सांवगी निवासी राजवर्धन राणा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन इंग्लैंड की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था ‘द लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस’ (एलएसई) में मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है। राजवर्धन की सफलता में मध्यप्रदेश शासन की ‘पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ है।

Overseas Scholarship Scheme

Overseas Scholarship Scheme : विदेश अध्ययन के लिए राज्य सरकार दे रही पूर्ण आर्थिक सहयोग

आर्थिक रूप से सीमित लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत राजवर्धन राणा को पूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष की फीस के रूप में 40 लाख 70 हजार 736 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा योजना के तहत रहने का खर्च, आकस्मिक व्यय, स्वास्थ्य बीमा, वीजा शुल्क और हवाई यात्रा का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।

Overseas Scholarship Scheme : मुख्यमंत्री और राज्यमंत्री के प्रति जताया आभार

अपनी इस उपलब्धि पर राजवर्धन राणा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यदि यह छात्रवृत्ति योजना नहीं होती तो दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने का उनका सपना पूरा करना बेहद कठिन होता। उन्होंने इसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी अवसरकारी पहल बताया।

Overseas Scholarship Scheme : मेहनत और सही मार्गदर्शन से हासिल की सफलता

राजवर्धन का कहना है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम किया जाए। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाना चाहिए। सही दिशा में मेहनत और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

Overseas Scholarship Scheme : समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का है लक्ष्य

राजवर्धन राणा ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उनका उद्देश्य समाज और प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए कार्य करना है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक प्रशासन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर वे नीति निर्माण और जनकल्याण से जुड़े क्षेत्रों में योगदान देना चाहते हैं। उनकी यह सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

Overseas Scholarship Scheme : कई विद्यार्थियों के सपनों को साकार कर रही छात्रवृत्ति योजना

मध्यप्रदेश शासन की पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से अनेक विद्यार्थी विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययन का अवसर प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना उन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है, जो आर्थिक कारणों से अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। योजना उन्हें आर्थिक सहायता देकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करती है।

Overseas Scholarship Scheme : योजना के तहत मिलती हैं कई सुविधाएं

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचडी और शोध कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना के तहत ट्यूशन फीस के अलावा लिविंग अलाउंस, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक व्यय, वीजा शुल्क और विदेश आने-जाने का हवाई किराया भी शामिल किया गया है। इससे विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होता है और वे पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

Overseas Scholarship Scheme : योजना के लिए निर्धारित हैं विशेष पात्रताएं

विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही वह पिछड़ा वर्ग (नॉन क्रीमी लेयर) श्रेणी से संबंधित होना चाहिए। इसके अलावा पिछली परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त होना अनिवार्य है। आवेदक की आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए तथा उसे विदेश के किसी मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या संस्थान में प्रवेश प्राप्त होना चाहिए।

Overseas Scholarship Scheme : वैश्विक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को मिल रहे नए अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाएं प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। इससे न केवल विद्यार्थियों का शैक्षणिक विकास होता है बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त कर देश और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राजवर्धन राणा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि उचित अवसर और सरकारी सहयोग मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों तक पहुंच सकते हैं।

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