Report: Imran khan
Chhatarpur मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से खाकी वर्दी को दागदार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कोतवाली थाना पुलिस द्वारा एक निर्दोष युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने की कथित साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। पीड़ित परिवार द्वारा जारी किए गए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने पुलिसिया कार्रवाई की पोल खोलकर रख दी है, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
Chhatarpur आधी रात को घर में रखवाई शराब, फिर दर्ज किया मुकदमा
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संस्कार वाटिका के पास का है। यहाँ के निवासी अरविंद मिश्रा को पुलिस ने अवैध शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। पुलिस का दावा था कि युवक के पास से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई है। लेकिन इस कार्रवाई के पीछे की जो खौफनाक सच्चाई सामने आई है, उसने कानून के रखवालों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
Chhatarpur सीसीटीवी फुटेज ने खोला कोतवाली पुलिस का ‘सीक्रेट गेम’
झूठे केस में फंसे पीड़ित अरविंद मिश्रा ने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मीडिया के सामने सार्वजनिक कर दी। इस फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कोतवाली थाने के हेड कांस्टेबल अरविंद शर्मा अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ अरविंद के घर पहुँचते हैं। इस टीम में दो महिला पुलिसकर्मी भी शामिल दिखाई दे रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस वाले अपने साथ शराब ठेकेदार के कारिंदों (लड़कों) को लेकर आए थे, जो बोरियों में भरकर करीब 6 पेटी अवैध शराब जबरन अरविंद के घर में रखते हुए कैमरे में कैद हो गए।
Chhatarpur निर्दोष को फंसाने के खेल से पुलिस महकमे में खलबली
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया है कि किस तरह कोतवाली पुलिस ने रसूखदारों के साथ मिलकर एक बेगुनाह युवक को अपराधी बनाने की साजिश रची थी। रात के अंधेरे में रची गई इस साजिश का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज के पुख्ता साक्ष्यों के बाद अब स्थानीय नागरिकों और पीड़ित परिवार ने दोषी हेड कांस्टेबल अरविंद शर्मा और साजिश में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों व ठेके के लड़कों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और निलंबन की मांग उठाई है।
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