Bakrid 2026: देशभर में बकरीद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। रविवार को भारत में कहीं भी धुल हिज्जा महीने का चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद अब ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी। इस संबंध में दिल्ली की जामा मस्जिद के नायब इमाम Syed Shaban Bukhari ने जानकारी दी है।
Bakrid 2026: चांद नहीं दिखने के बाद तय हुई बकरीद की तारीख
रविवार शाम देश के विभिन्न हिस्सों में चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं से भी चांद नजर आने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद धार्मिक संस्थाओं और रुएत-ए-हिलाल समितियों ने ऐलान किया कि धुल हिज्जा का महीना मंगलवार से शुरू माना जाएगा। इसी आधार पर भारत में बकरीद 28 मई को मनाई जाएगी।
Bakrid 2026: धुल हिज्जा के दसवें दिन मनाया जाता है त्योहार
इस्लामी कैलेंडर के अनुसार धुल हिज्जा साल का बारहवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इसी महीने के दसवें दिन ईद-उल-अजहा का पर्व मनाया जाता है। चांद दिखने के लगभग दस दिन बाद यह त्योहार आता है। इस बार चांद देर से नजर आने के कारण बकरीद की तारीख भी आगे बढ़ी है।
Bakrid 2026: जामा मस्जिद और रुएत-ए-हिलाल समितियों ने की पुष्टि
दिल्ली की Jama Masjid से जुड़े धार्मिक अधिकारियों के साथ-साथ देश के अलग-अलग राज्यों की रुएत-ए-हिलाल समितियों ने भी पुष्टि की है कि रविवार को चांद दिखाई नहीं दिया। इसके बाद सर्वसम्मति से 28 मई को बकरीद मनाने का फैसला लिया गया।
Bakrid 2026: त्याग और कुर्बानी का प्रतीक है बकरीद
बकरीद को ईद-उल-अजहा और ईद-उल-जुहा के नाम से भी जाना जाता है। इस्लाम धर्म में यह पर्व त्याग, बलिदान और इंसानियत की भावना का प्रतीक माना जाता है। मुस्लिम समुदाय इस दिन विशेष नमाज अदा करता है और जरूरतमंदों की मदद कर सामाजिक भाईचारे का संदेश देता है।
Bakrid 2026: देशभर में शुरू हुई त्योहार की तैयारियां
बकरीद की तारीख तय होने के बाद अब देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। बाजारों में खरीदारी बढ़ने लगी है और मस्जिदों में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मुस्लिम समुदाय इस पर्व को धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाने की तैयारी में जुट गया है।
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