Iran- US Tension: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि तेहरान ने अब तक अपने कृत्यों की “पर्याप्त कीमत” नहीं चुकाई है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान की ओर से भेजे गए नए शांति प्रस्ताव को स्वीकार करना मुश्किल हो सकता है। ट्रंप के इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Iran- US Tension: ट्रंप ने समझौते की संभावना पर जताया संदेह
शनिवार को दिए बयान में ट्रंप ने कहा कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह प्रस्ताव स्वीकार्य नजर नहीं आता। उनका कहना है कि ईरान के साथ किसी समझौते की संभावना फिलहाल बेहद कम दिखाई दे रही है।
ईरान की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी अर्ध-सरकारी ‘नूर न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, खाड़ी देश की ओर से भेजे गए 14 सूत्रीय प्रस्ताव में युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के बजाय युद्ध पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई है।
Iran- US Tension: ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को भेजा जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका की नौ सूत्रीय योजना के जवाब में यह प्रस्ताव भेजा है। इसमें अमेरिका से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी की मांग की गई है।
इसके साथ ही प्रस्ताव में लेबनान में इजराइली सैन्य अभियानों सहित सभी प्रकार की शत्रुता खत्म करने की भी अपील की गई है। बताया जा रहा है कि ईरान ने यह जवाब पाकिस्तानी मध्यस्थ के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है। पाकिस्तान पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच प्रत्यक्ष वार्ता की मेजबानी कर चुका है।
Iran- US Tension: IRGC ने दी तीखी प्रतिक्रिया
ईरान की सेना से जुड़े संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अमेरिका को लेकर कड़ा बयान दिया है। संगठन का कहना है कि अब अमेरिका के पास फैसले लेने की गुंजाइश काफी सीमित हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के ताजा बयानों से यह साफ हो गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिरोध जल्द खत्म होने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं।
Iran- US Tension: ओमान के विदेश मंत्री से अराघची की बातचीत
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने रविवार को ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी से बातचीत की। ओमान ने हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ताओं में मध्यस्थ और पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई थी।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक नई योजना पेश की है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है।
Iran- US Tension: होर्मुज को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं ईरान
ईरानी संसद के उपाध्यक्ष Ali Nikzad ने साफ कहा है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा और युद्ध से पहले की स्थिति में वापसी नहीं करेगा।
उन्होंने कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस्लामिक गणराज्य ईरान का है।” निकजाद ने यह भी कहा कि युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त हुए कारोबार और संपत्तियों की भरपाई के लिए सरकार काम कर रही है और ट्रंप की नाकेबंदी योजना पूरी तरह विफल साबित होगी।
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