Damoh मध्यप्रदेश सरकार की गेहूं उपार्जन योजना के तहत दमोह जिले के बटियागढ़ क्षेत्र में किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के पालन में यहाँ बनाए गए खरीदी केंद्रों पर किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।
Damoh किसानों को मिल रहा है उचित सम्मान और मूल्य
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने आए किसानों का कहना है कि सरकार की इस पहल से उन्हें बिचौलियों और कम दाम में उपज बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिली है। शासन सीधे किसानों से फसल खरीदकर उनके बैंक खातों में राशि का भुगतान कर रहा है, जिससे उनके परिवार की समृद्धि के नए मार्ग खुल रहे हैं।
Damoh केंद्रों पर पेयजल और छांव की पुख्ता व्यवस्था
भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री के विशेष निर्देशानुसार प्रत्येक खरीदी केंद्र पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है:
- शीतल पेयजल: किसानों और मजदूरों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।
- छाया की व्यवस्था: चिलचिलाती धूप से बचने के लिए केंद्रों पर टेंट और छायादार स्थानों का इंतजाम किया गया है।
- बैठने की सुविधा: अपनी बारी का इंतजार करने वाले किसानों के लिए बैठने के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।
Damoh अधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी प्रक्रिया
उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। तौल की पारदर्शिता और स्लॉट बुकिंग के आधार पर सुव्यवस्थित तरीके से खरीदी सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों को ‘कंधे से कंधा मिलाकर’ सहयोग करना ही शासन की प्राथमिकता है।





