Homeopathy: होम्योपैथी चिकित्सकों को राहत देने वाले इस अहम निर्णय का देशभर में स्वागत किया जा रहा है। चिकित्सा समुदाय के विशेषज्ञों ने इसे एक व्यावहारिक और समय के अनुरूप कदम बताया है, जिससे हजारों डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।
Homeopathy: विशेषज्ञों ने बताया सराहनीय कदम
होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी ने इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया। उनके अनुसार यह पहल लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करती है और चिकित्सा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

Homeopathy: क्लीनिक संचालकों को मिलेगी बड़ी राहत
डॉ. द्विवेदी ने कहा कि इस फैसले से न केवल होम्योपैथी चिकित्सकों पर पड़ने वाला अनावश्यक प्रशासनिक दबाव कम होगा, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के क्लीनिक संचालकों को भी राहत मिलेगी। अब उन्हें उन नियमों का पालन नहीं करना होगा, जो मुख्य रूप से बायोमेडिकल वेस्ट उत्पन्न करने वाली चिकित्सा प्रणालियों के लिए बनाए गए हैं।
Homeopathy: वैज्ञानिक आधार पर लिया गया निर्णय
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यह निर्णय वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। होम्योपैथी पद्धति में बायोमेडिकल वेस्ट बेहद कम या लगभग न के बराबर होता है। ऐसे में MPPCB सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को हटाना पूरी तरह तार्किक और उचित कदम है।
Homeopathy: सरकार और विभागों का जताया आभार
डॉ. द्विवेदी ने इस फैसले के लिए राज्य सरकार, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाने में मदद करेगा।
Homeopathy: होम्योपैथी के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही आम लोगों का भरोसा भी इस पद्धति पर और मजबूत होगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ेगा।
Homeopathy: ‘सहज चिकित्सा – सशक्त समाज’ की दिशा में कदम
अंत में डॉ. द्विवेदी ने कहा कि सरकार का यह निर्णय ‘सहज चिकित्सा – सशक्त समाज’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह कदम न केवल चिकित्सकों के लिए लाभकारी है, बल्कि समाज के लिए भी सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।
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