Report: Arvind Chouhan, Edit: Yoganand Shrivastva
Gwalior मध्य प्रदेश की राजनीति में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को शून्य घोषित कर दिया है। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया की बेंच ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत को विजयपुर से निर्वाचित विधायक घोषित किया है।
चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाना पड़ा भारी
Gwalior यह पूरा मामला मुकेश मल्होत्रा द्वारा चुनाव के समय जमा किए गए शपथ पत्र (Affidavit) से जुड़ा है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने ऊपर दर्ज अपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जानबूझकर छिपाई थी। याचिका में दलील दी गई थी कि तथ्यों को छिपाना चुनाव नियमों का उल्लंघन है और इस आधार पर उनका निर्वाचन रद्द किया जाना चाहिए।
रामनिवास रावत निर्वाचित घोषित
Gwalior कोर्ट ने याचिका की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को अवैध माना। चूंकि रामनिवास रावत चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे, इसलिए न्यायालय ने उन्हें विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद विजयपुर क्षेत्र के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं और भाजपा खेमे में खुशी की लहर है।
चुनाव नियमों की शुचिता पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
Gwalior जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने अपने फैसले में चुनाव सुधारों और उम्मीदवारों द्वारा दी जाने वाली जानकारियों की पारदर्शिता पर जोर दिया। कोर्ट का यह फैसला उन जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है जो अपने आपराधिक इतिहास या व्यक्तिगत जानकारी को छुपाकर चुनाव लड़ते हैं। इस आदेश के बाद मुकेश मल्होत्रा के पास अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प शेष है।
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