रिपोर्ट : विशाल दुबे
Ujjain भारत सरकार के संयुक्त सचिव पंकज कुमार ने उज्जैन जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान पीएम श्री (PM SHRI) स्कूलों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य स्कूलों की मौजूदा सुविधाओं का आकलन करना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उन्नत बनाना था।
डिजिटल विजन और स्मार्ट सुविधाओं का निरीक्षण
Ujjain अपने भ्रमण के दौरान संयुक्त सचिव ने पीएम श्री कन्या दशहरा मैदान, पीएम श्री कन्या नागदा और पीएम श्री नवोदय विद्यालय बुरानाबाद सहित कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया:

- स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर: शौचालयों को आधुनिक (स्मार्ट) बनाने और शुद्ध पेयजल की अनिवार्य उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- डिजिटल लर्निंग: हर स्कूल में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने का सुझाव दिया।
- संसाधनों का उपयोग: स्कूलों के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि का वाणिज्यिक उपयोग कर आय बढ़ाने और भूमि की कमी होने पर ‘वर्टिकल विस्तार’ (मंजिलें बढ़ाना) करने की रणनीति साझा की।
कलेक्टर के साथ समीक्षा और प्राचार्यों की बैठक
Ujjain निरीक्षण की शुरुआत में पंकज कुमार ने उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह से भेंट कर जिले के शैक्षणिक परिदृश्य पर चर्चा की। इसके पश्चात, जिले के सभी 13 पीएम श्री स्कूलों, एक केंद्रीय विद्यालय और दो नवोदय विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पीपीटी (PPT) के माध्यम से जिले की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया, जिस पर उन्होंने संतोष जताते हुए सुधार के व्यावहारिक इनपुट दिए।
अकादमिक उत्कृष्टता और शत-प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य
Ujjain संयुक्त सचिव ने केवल बुनियादी ढांचे ही नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने स्टाफ और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि पीएम श्री योजना का वास्तविक उद्देश्य अकादमिक गतिविधियों को उत्कृष्ट बनाना है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे नवाचारों के माध्यम से शिक्षण कार्य करें ताकि बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत (100%) परिणाम सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बी.बी. सक्सेना, महेंद्र खत्री और गिरीश तिवारी भी उनके साथ उपस्थित रहे।





