Madhya Pradesh Tourism :पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा को लेकर तीन दिवसीय कार्यशाला

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Madhya Pradesh Tourism : पर्यटन स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में “महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना” के अंतर्गत पर्यटन स्थलों पर महिला सुरक्षा: पुलिस की भूमिका एवं रणनीति विषय पर तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन 26 से 28 फरवरी तक Hotel Palash Residency में किया जाएगा।

Madhya Pradesh Tourism : कार्यशाला का उद्देश्य पर्यटन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर महिला पर्यटकों की सुरक्षा, सहजता और विश्वास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में गृह विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पर्यटन बोर्ड, पर्यटन निगम तथा विभिन्न विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

Madhya Pradesh Tourism : संचालक डॉ. इलैया राजा टी. ने बताया कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिला पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अधोसंरचना विकास, पुलिस समन्वय, सामुदायिक सहभागिता और जेंडर संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं आगे भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे मध्यप्रदेश को सुरक्षित पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।

Madhya Pradesh Tourism : 26 फरवरी को पर्यटन विभाग द्वारा समुदाय आधारित पर्यटन और महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों पर प्रस्तुति दी जाएगी, जबकि पुलिस विभाग महिला सुरक्षा संबंधी प्रावधानों और रणनीतियों पर चर्चा करेगा। धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, पुरातात्विक स्थलों, वन क्षेत्रों, विशेष आयोजनों, साहसिक पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और साइबर धोखाधड़ी जैसे विषयों पर समूह चर्चा होगी।

Madhya Pradesh Tourism : 27 फरवरी को समूह कार्यों से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर एक्शन प्लान और पॉलिसी एडवोकेसी पर मंथन किया जाएगा। साथ ही खारी, भोजपुर, भीमबेटिका, वन विहार और भोपाल के आसपास के पर्यटन स्थलों का क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्तर पर सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन किया जाएगा।

Madhya Pradesh Tourism : 28 फरवरी को विभिन्न राज्यों और देशों के केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान, यूएन-विमेन की प्रस्तुति, जेंडर संवेदनशीलता, सामुदायिक पुलिसिंग और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत संवाद होगा। कार्यशाला का समापन स्मृति चिह्न वितरण के साथ किया जाएगा।