MP Education Budget: मोहन यादव सरकार ने आज विधानसभा में 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने राज्य पर बढ़ते 4.94 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर सरकार को घेरा। नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्षी सदस्य खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर नारेबाजी करते रहे, जिन पर लिखा था – “कर्ज बजट से ज्यादा है।”
MP Education Budget: शिक्षा पर विशेष फोकस, स्कूल अपग्रेड के लिए 100 करोड़
बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए सरकारी स्कूलों के उन्नयन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता और भवन सुधार जैसे कार्य किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
MP Education Budget: छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़, 7.95 लाख छात्रों को लाभ

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिलेगी, ताकि वे बिना आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सरकार के अनुसार, यह कदम सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
MP Education Budget: सरदार पटेल कोचिंग योजना: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मदद
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के तहत 4,000 विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना के जरिए मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
MP Education Budget: पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए 1,651 करोड़
सामाजिक न्याय की दिशा में सरकार ने पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ और अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह राशि शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
MP Education Budget: क्या युवाओं को पक्की नौकरी?
बजट में युवाओं के लिए कौशल विकास और कोचिंग योजनाओं की घोषणा तो की गई है, लेकिन सरकारी स्थायी नौकरियों को लेकर कोई बड़ा सीधा ऐलान नहीं किया गया। ऐसे में युवाओं को सीधी भर्ती के बजाय योजनाओं और प्रशिक्षण के जरिए अवसर देने की रणनीति दिखाई देती है।
क्या है रोलिंग बजट?
रोलिंग बजट ऐसी प्रणाली है जिसमें हर साल बजट को अपडेट किया जाता है और आगे के वर्षों को जोड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि 2026–27, 2027–28 और 2028–29 के लिए बजट बनाया गया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 हट जाएगा और उसकी जगह 2029–30 जुड़ जाएगा। इस तरह सरकार के पास हमेशा आगामी तीन वर्षों का अद्यतन बजट तैयार रहता है।
MP Education Budget: आपकी जेब पर क्या असर?
- छात्रों और अभिभावकों को छात्रवृत्ति और स्कूल सुधार से सीधा लाभ
- ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ने की संभावना
- हालांकि बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष की चिंता भी जारी
कुल मिलाकर, शिक्षा और सामाजिक उत्थान पर जोर के साथ यह बजट युवाओं और विद्यार्थियों के लिए राहत भरा नजर आता है, लेकिन स्थायी रोजगार के मुद्दे पर सरकार को अभी और कदम उठाने होंगे।





