by; vijay nandan
SevaTeerth : नई दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय का आधिकारिक पता साउथ ब्लॉक से बदलकर नए कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित हो गया है। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें औपनिवेशिक शासन की विरासत का प्रतीक थीं। देश को मानसिक रूप से भी स्वतंत्र बनाने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई व्यवस्थाएं केवल भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि शासन की सोच में बदलाव का संकेत हैं।

SevaTeerth : ‘नागरिक देवो भव’ का संदेश
सेवा तीर्थ परिसर में ‘नागरिक देवो भव’ का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। प्रधानमंत्री ने इसे शासन की नई कार्यसंस्कृति का प्रतीक बताया, जिसमें सत्ता नहीं बल्कि सेवा सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कार्यस्थलों और प्रशासनिक ढांचे में भी झलकनी चाहिए। पुराने भवन सीमित संसाधनों और जर्जर संरचना के कारण आधुनिक तकनीकी जरूरतों के अनुरूप नहीं थे।

SevaTeerth : मंत्रालयों का एकीकरण, खर्च में कमी
प्रधानमंत्री ने बताया कि कई मंत्रालय अलग-अलग इमारतों से संचालित होने के कारण हर वर्ष लगभग 1500 करोड़ रुपए किराए पर खर्च हो रहे थे। नए कर्तव्य भवनों में मंत्रालयों को एक साथ लाने से समन्वय बेहतर होगा, समय बचेगा और प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। भवनों को डिजिटल तकनीक, ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल मानकों के साथ तैयार किया गया है।

SevaTeerth : महत्वपूर्ण फैसलों पर हस्ताक्षर
नए कार्यालय में प्रधानमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े कई प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। इनमें दुर्घटना पीड़ितों के लिए 1.5 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की व्यवस्था, ‘लखपति दीदी’ योजना का विस्तार, कृषि अवसंरचना कोष में वृद्धि और स्टार्टअप इंडिया फंड 2.0 को मंजूरी जैसे फैसले शामिल हैं।
#WATCH | 'सेवा तीर्थ' से प्रधानमंत्री @narendramodi के पहले फैसले — सेवा भाव की नई मिसाल
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) February 13, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सेवा तीर्थ' से कार्यारंभ करते ही ऐसे महत्वपूर्ण निर्णयों पर हस्ताक्षर किए जो महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े… pic.twitter.com/epQw8RZHLp
SevaTeerth : सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा
‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बनाए गए हैं। इसी योजना में नया संसद भवन और कर्तव्य पथ का विकास भी शामिल है। सरकार का कहना है कि पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को भविष्य में राष्ट्रीय संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भारत की सांस्कृतिक विरासत प्रदर्शित की जाएगी।
करीब 1189 करोड़ रुपए की लागत से बने सेवा तीर्थ परिसर को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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