संवाददाता: सुरेश भाटी
Bulandshahr । महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर इस जनहितैषी योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने का आरोप लगाया और जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक 10 सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया।

कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक नारेबाजी और विरोध
Bulandshahr प्रदर्शन की शुरुआत जिला कांग्रेस कार्यालय से हुई, जहाँ भारी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहाँ से कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीब मजदूरों के ‘काम के अधिकार’ की गारंटी है, जिस पर वर्तमान सरकार प्रहार कर रही है।

“ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा पर संकट”
Bulandshahr कलेक्ट्रेट पर सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ‘जीवन रेखा’ के समान रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के बजट में लगातार कटौती की जा रही है। इसके अलावा, मजदूरी के भुगतान में महीनों की देरी और तकनीकी जटिलताओं (जैसे ऐप आधारित हाजिरी) को बढ़ाकर मजदूरों को काम से हतोत्साहित किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि ग्राम पंचायतों के अधिकारों को सीमित करना लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण की भावना के खिलाफ है।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग: ये हैं प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें
Bulandshahr कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को शामिल किया है:
- मनरेगा के बजट आवंटन में तत्काल वृद्धि की जाए।
- लंबित मजदूरी का भुगतान ब्याज सहित तुरंत किया जाए।
- मजदूरी की दरों को वर्तमान महंगाई सूचकांक के अनुसार बढ़ाया जाए।
- तकनीकी जटिलताओं और ऑनलाइन हाजिरी की अनिवार्य शर्तों को सरल बनाया जाए।
- साल में मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार की गारंटी को बढ़ाकर 150 दिन किया जाए।
- ग्राम पंचायतों को मनरेगा के क्रियान्वयन में पुनः पूर्ण अधिकार दिए जाएं।
Bulandshahr कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि इन मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो पार्टी ग्रामीण स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी।





