By : Vijay Nandan
Budget Session 2026 : नई दिल्ली, बजट सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा में भारी हंगामे के चलते प्रश्नकाल नहीं चल सका। सुबह 11 बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सदस्य पोस्टर और प्लेकार्ड लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। लगातार शोर-शराबे के बीच चेयर पर मौजूद केपी तेन्नेटी ने करीब सात मिनट बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे, जहां सत्ता पक्ष के सांसदों ने नारे लगाए।
इस राजनीतिक तनातनी के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सब्सटेंसिव मोशन का नोटिस दिया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि राहुल की लोकसभा सदस्यता समाप्त की जाए और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाए।

Budget Session 2026 : सब्सटेंसिव मोशन ऐसा प्रस्ताव होता है, जिस पर सदन सीधे चर्चा कर निर्णय ले सकता है। इसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाता है कि सदन से किस प्रकार का फैसला अपेक्षित है।
दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव ला सकती है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संकेत दिए थे कि राहुल द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर यह कदम उठाया जा सकता है। रिजिजू ने 4 फरवरी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में हुई कथित नारेबाजी और विवाद से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया है। उनका दावा है कि उस दौरान विपक्षी सांसदों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि प्रियंका गांधी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी को उकसाया नहीं और शांति से अपनी बात रखी थी।

Budget Session 2026 : क्या होता है विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव?
Budget Session 2026 : संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद सदस्यों को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। इनमें सदन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दिए गए वक्तव्य पर न्यायालय में कार्रवाई से संरक्षण शामिल है। यदि किसी सदस्य को लगता है कि इन अधिकारों का उल्लंघन हुआ है, तो वह विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। स्पीकर प्राथमिक जांच के बाद मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज सकते हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सदन चेतावनी, फटकार, निलंबन या दुर्लभ मामलों में हिरासत जैसी कार्रवाई तय कर सकता है।

Budget Session 2026 : गौरतलब है कि मार्च 2023 में सूरत की एक अदालत द्वारा मानहानि मामले में दो वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है। हालांकि, अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सजा पर रोक लगाए जाने के बाद उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई थी।
फिलहाल संसद में जारी गतिरोध और प्रस्तावों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। आगे की कार्रवाई स्पीकर और सदन की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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