Report: Rupesh kumar dass
Hazaribagh : हजारीबाग जिला प्रशासन ने अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार को चौपारण थाना क्षेत्र के दुर्गम वन क्षेत्रों में पुलिस और वन विभाग ने एक साझा ऑपरेशन चलाकर लगभग दो एकड़ भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

पत्थलगड़ा और करगा के जंगलों में गुप्त सूचना पर छापेमारी
Hazaribagh प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि दैहर पंचायत के सुदूरवर्ती जंगली इलाकों का फायदा उठाकर कुछ लोग अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि होते ही बरही एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस और वन विभाग के जवानों ने पत्थलगड़ा एवं करगा के दुर्गम रास्तों को पार कर मौके पर दबिश दी और अफीम की लहलहाती फसल को रौंदकर जला दिया।

ड्रोन तकनीक से ‘जहरीली’ खेती पर पैनी नजर
Hazaribagh दुर्गम और घने जंगलों के बीच अफीम की अवैध खेती को ढूंढ निकालना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए प्रशासन ने आधुनिक ड्रोन कैमरों का सहारा लिया। ड्रोन की मदद से सटीक लोकेशन ट्रैक की गई, जिससे तस्करों की चालाकी विफल हो गई। मौके से फसल के अलावा सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले आठ डिलीवरी पाइप भी बरामद हुए हैं, जिन्हें अधिकारियों ने तत्काल नष्ट कर दिया।

तस्करों की पहचान जारी, होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
Hazaribagh एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल ने बताया कि अवैध खेती में शामिल संदिग्धों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर नाम और पतों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। वनपाल सरवन कुमार और थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ड्रोन तकनीक और खुफिया तंत्र के माध्यम से ऐसे मादक पदार्थ विरोधी अभियान जारी रहेंगे।
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