Report: Ratan kumar
Jamtara प्रखंड के बांकूडीह स्थित ऐतिहासिक नीलकंठ बाबा मंदिर प्रांगण में बुधवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था श्री श्री 1008 रामचरितमानस महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के शुभारंभ का, जिसकी शुरुआत एक भव्य कलश यात्रा के साथ की गई। इस दौरान पूरा क्षेत्र जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
मंत्रोच्चार के बीच नदी तट से भरा गया जल, 4 किमी तक दिखा उत्साह
Jamtara कलश यात्रा की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई। बांकूडीह और आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु सुबह स्नान कर पारंपरिक वेशभूषा में गांव के नदी तट पर एकत्रित हुए। वहां विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच जल पूजन कराया। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं और युवतियों ने सिर पर कलश धारण कर लगभग चार किलोमीटर की पैदल यात्रा की। ढोल-नगाड़ों और भक्ति भजनों की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं का काफिला जब मंदिर प्रांगण पहुँचा, तो वहां पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।

सजीव झांकियों ने मोहा मन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
Jamtara कलश यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूप में सजे नन्हे बच्चे रहे। इन सजीव झांकियों ने सनातन संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। समाजसेवी प्रदीप मंडल, सोनू सिंह और पप्पू मंडल सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस अनुष्ठान को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है और दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं।
गुरुवार से होगा श्रीराम कथा और हवन-पूजन का आयोजन
Jamtara महायज्ञ के कार्यक्रम के अनुसार, गुरुवार से मुख्य अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। प्रतिदिन सुबह हवन-पूजन और संध्या समय विशेष आरती का आयोजन किया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए हर शाम 7 बजे से सुप्रसिद्ध कथावाचकों द्वारा श्रीराम कथा का अमृत पान कराया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।





