Report: Sanjeev Sharma
Bhagalpur (बिहार): विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी और समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हर साल 11 फरवरी को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है। इसी कड़ी में भागलपुर के मध्य विद्यालय जगदीशपुर में प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र के कुशल नेतृत्व में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने विज्ञान के प्रति अपने उत्साह का प्रदर्शन किया।

महिला वैज्ञानिकों का जीवन बना छात्राओं के लिए प्रेरणा
Bhagalpur कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक आशुतोष चन्द्र मिश्र ने छात्राओं को संबोधित करते हुए भारत की प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिकों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें इन विदुषी वैज्ञानिकों को अपना आदर्श मानना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलते हुए देश के भविष्य के निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने और नई खोजों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
सरकारी योजनाओं और प्रोत्साहन पर विशेष चर्चा
Bhagalpur प्रधानाध्यापक ने बालिकाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘इंस्पायर अवार्ड मानक’, ‘अटल लैब’ और ‘विज्ञान ज्योति’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाकर छात्राएं न केवल शोध कार्यों से जुड़ सकती हैं, बल्कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों को भी आसानी से सीख सकती हैं।

शिक्षकों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी
Bhagalpur इस शैक्षणिक आयोजन को सफल बनाने में विज्ञान शिक्षिका शाहिना खातून, वीणा कुमारी और प्रीति कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और सिद्धांतों के बारे में जानकारी प्रदान की और उनके जिज्ञासु प्रश्नों के उत्तर दिए। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने विज्ञान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।





