NoConfidenceMotion : कांग्रेस की अगुवाई में 119 सांसदों के हस्ताक्षर, बजट सत्र में बढ़ा टकराव
NoConfidenceMotion : नई दिल्ली, संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में चल रहा सियासी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दाखिल किया है। इस प्रस्ताव पर कुल 119 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विपक्ष की ओर से यह नोटिस लोकसभा सचिवालय और महासचिव को सौंपा गया है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि यह नोटिस नियम 94C के तहत मंगलवार दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर सौंपा गया। विपक्ष का आरोप है कि सदन के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही है।
NoConfidenceMotion : राहुल गांधी को बोलने की अनुमति न मिलने को बनाया आधार
सूत्रों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति न दिए जाने को मुख्य वजह बताया है। विपक्ष का कहना है कि यह संसदीय परंपराओं और विपक्ष के अधिकारों के खिलाफ है।

नोटिस सौंपे जाने के बाद नियमों के तहत लोकसभा अध्यक्ष फिलहाल सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं करेंगे।
NoConfidenceMotion : सदन में हंगामे के बीच कार्यवाही बार-बार स्थगित
मंगलवार सुबह 11 बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तब स्पीकर ओम बिरला सदन की अध्यक्षता करने नहीं पहुंचे। डिप्टी स्पीकर पैनल के सदस्य पीसी मोहन ने कार्यवाही शुरू कराई, लेकिन विपक्ष के तीखे हंगामे के चलते सदन कुछ ही मिनटों में पहले दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
NoConfidenceMotion : गतिरोध खत्म करने की कोशिशें
लोकसभा में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक की। यह बैठक स्पीकर के कक्ष में हुई, जिसमें दोपहर बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि विपक्ष निलंबित किए गए आठ सांसदों की बहाली की मांग पर अड़ा हुआ है। हालांकि, इस बैठक को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट पर चर्चा की शुरुआत दोपहर बाद शशि थरूर कर सकते हैं।
NoConfidenceMotion : टीएमसी का अलग रुख
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस मुद्दे पर कहा कि उनकी पार्टी टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही यह भी संकेत दिया कि यदि विपक्ष के मुद्दों पर तय समय में समाधान नहीं होता है, तो भविष्य में अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है।
NoConfidenceMotion : आगे की राजनीति पर नजर
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस से साफ है कि बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच सियासी संघर्ष और तेज हो सकता है। अब देखना होगा कि क्या दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचते हैं या संसद का गतिरोध और लंबा खिंचता है।
संपादकीय नजरिया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस संसद की परंपराओं में एक असाधारण और गंभीर कदम है। विपक्ष इसे सदन के संचालन में निष्पक्षता से जोड़कर देख रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे अनावश्यक टकराव मान सकता है। बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर यह टकराव संसदीय कामकाज को बाधित करता है, जिसका नुकसान अंततः जनता के हितों को होता है। लोकतंत्र में अध्यक्ष की निष्पक्षता अनिवार्य है, लेकिन संवाद और सहमति की राजनीति भी उतनी ही जरूरी है। टकराव नहीं, समाधान ही संसद की गरिमा बनाए रख सकता है।

