Report: Piyush agrawal
Bhikangaon (भीकनगांव): मध्य प्रदेश के भीकनगांव क्षेत्र के जामन्या ग्राम में बिजली विभाग की संवेदनहीनता चरम पर है। पिछले 9 दिनों से पूरा गांव न केवल अंधेरे में डूबा हुआ है, बल्कि जमीन पर बिखरे नंगे बिजली के तार ग्रामीणों की जान के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
फाल्ट के बाद लगी आग, पर विभाग की नींद नहीं टूटी
Bhikangaon ( बता दें कि करीब 9 दिन पहले गांव में बिजली की केबल में भीषण फाल्ट हुआ था, जिससे केबलों में आग लग गई थी। इस घटना के बाद से ही गांव की बिजली गुल है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीणों ने इस संबंध में भीकनगांव बिजली विभाग को कई बार सूचना दी और लिखित आवेदन भी सौंपा, लेकिन एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी सुध लेने नहीं पहुंचा।
पढ़ाई ठप और हादसों का डर: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़
Bhikangaon ( बिजली गुल होने का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। परीक्षाएं और पढ़ाई का समय होने के बावजूद बच्चे अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। वहीं, गांव की गलियों में फैले खुले तार किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीण डरे हुए हैं कि कहीं ये तार किसी इंसान या मवेशी की जान न ले लें।
ग्रामीणों का आक्रोश: क्या किसी मौत का इंतजार कर रहा है विभाग?
Bhikangaon ग्रामवासियों का आरोप है कि विभाग उनकी शिकायतों को लगातार अनसुना कर रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर कब तक उन्हें इस डर के साये में रहना होगा? क्या बिजली विभाग किसी बड़ी अनहोनी या किसी की मौत होने के बाद ही हरकत में आएगा? गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं की गई और खतरनाक तारों को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
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