Gwalior Health News: अंचल में इस बार वायरल संक्रमण का स्वरूप तेजी से बदलता दिख रहा है। अब यह केवल बुखार, खांसी और शरीर दर्द तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सीधे हृदय की मांसपेशियों और दिल को घेरे झिल्ली पर असर डाल रहा है। इसके चलते मरीजों में हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में घबराहट बढ़ रही है।
हाल ही में 18 वर्षीय युवक को सीने में तेज दर्द और ईसीजी में गंभीर बदलाव के कारण हार्ट अटैक मानकर जेएएच के कार्डियोलॉजी विभाग में रेफर किया गया था। हालांकि विस्तृत जांच में यह हार्ट अटैक नहीं, बल्कि मायो-पेरिकार्डियाटिस निकला।
कार्डियोलॉजिस्ट केअनुसार, मायो-पेरिकार्डियाटिस में ईसीजी के बदलाव बिल्कुल हार्ट अटैक जैसे दिखते हैं, लेकिन इसका कारण नसों में ब्लॉकेज नहीं, बल्कि दिल की मांसपेशियों और झिल्ली में सूजन होती है। इसलिए इसका इलाज भी हार्ट अटैक से अलग होता है। चिंता की बात यह है कि यह समस्या अब युवाओं में भी देखी जा रही है, जो सामान्यतः हार्ट अटैक के हाई-रिस्क ग्रुप में नहीं माने जाते।

Gwalior Health News: मायो-पेरिकार्डियाटिस के प्रमुख लक्षण
- अचानक सीने में तेज दर्द
- सांस फूलना
- दिल की धड़कन तेज होना
- अत्यधिक पसीना आना
- कमजोरी और थकान
डॉक्टरों की अहम सलाह
अगर बुखार उतरने के बाद भी सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत या बेचैनी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवाएं लेने से बचें और इसे हार्ट अटैक मानकर घबराएं नहीं। सही कारण जानने के लिए ईसीजी के साथ ईको (Echocardiography) जैसी जांच जरूरी है।

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Gwalior Health News: वायरल संक्रमण अब दिल पर भी असरदार
डॉक्टरों का कहना है कि इस बार वायरल संक्रमण केवल श्वसन तंत्र तक सीमित नहीं है। यह सीधे हृदय की मांसपेशियों (मायोकार्डियम) और दिल को घेरे झिल्ली (पेरिकार्डियम) को प्रभावित कर रहा है। इसी वजह से ईसीजी में ऐसे बदलाव दिख रहे हैं, जो हार्ट अटैक जैसे लगते हैं, लेकिन असल में नसों में ब्लॉकेज नहीं, बल्कि सूजन होती है। यही स्थिति डॉक्टरों के लिए नई चुनौती बन रही है।





