by: vijay nandan
Pakistan News : वो कहते है ना जो दूसरे के लिए गड्ढा खोदता है वो उसी गिरता है। आतंकी सांपों को दूध पिलाने वाले पाकिस्तान को उसी के सांप डस रहे हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर आतंक की चपेट में आ गई। जुमे की नमाज़ के वक्त शहजाद टाउन इलाके में स्थित एक शिया इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाका उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में नमाज़ी मस्जिद के भीतर मौजूद थे। शुरुआती सूचनाओं में मृतकों की संख्या ज्यादा बताई जा रही थी, हालांकि बाद में प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर 21 मौतों की पुष्टि की है।

धमाके के तुरंत बाद पुलिस, रेस्क्यू और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। पूरे इलाके को घेर लिया गया है और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है और डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
इस्लामाबाद पुलिस प्रमुख ने शहरभर में हाई अलर्ट घोषित करते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
Pakistan News : नेताओं ने जताया शोक, हमले की कड़ी निंदा
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस आतंकी हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है। राष्ट्रपति ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रशासन को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी कायराना घटनाएं देश और जनता के हौसले को कमजोर नहीं कर सकतीं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है।
Pakistan News : पहले भी हो चुके हैं हमले
बता दें कि इससे पहले 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 क्षेत्र में जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर हुए आत्मघाती हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

Pakistan News : आतंकवाद से बुरी तरह जूझ रहा है पाकिस्तान
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, पाकिस्तान दुनिया के सबसे अधिक आतंक प्रभावित देशों में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 के दौरान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों में करीब 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमले 60 प्रतिशत तक बढ़े हैं।
इसके अलावा इस्लामिक स्टेट-खुरासान (IS-K) ने भी अब शहरी इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र बने हुए हैं, जहां देश की अधिकांश आतंकी घटनाएं दर्ज हुई हैं।

संपादकीय नजरिया
भारत में आतंकवाद की जड़ें केवल सीमा पार नहीं, बल्कि पाकिस्तान की नीतिगत सोच में गहराई तक धंसी हुई दिखाई देती हैं। दशकों से आतंक को रणनीतिक औज़ार मानने की प्रवृत्ति ने दक्षिण एशिया की शांति को लगातार चोट पहुंचा जा रही है। भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों के तार पाकिस्तान स्थित संगठनों, प्रशिक्षण शिविरों और संरक्षण तंत्र से जुड़ते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इन तथ्यों के सामने आने के बावजूद पाकिस्तान का दोहरा रवैया एक ओर आतंक के खिलाफ बयानबाज़ी, दूसरी ओर पनाह, विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, यह मानवता के खिलाफ अपराध है। भारत ने संयम, कूटनीति और वैश्विक सहयोग के रास्ते पर चलते हुए बार-बार संवाद का विकल्प चुना है। अब समय है कि पाकिस्तान वास्तविक कार्रवाई करे, आतंकी ढांचे को खत्म करे, वित्तपोषण रोके और जवाबदेही तय करे। स्थायी शांति शब्दों से नहीं, ठोस कदमों से आती है। यदि इस सोच में परिवर्तन लाए तो उसके ही आतंकी सांस उसे ऐसे ही डसते रहेंगे।





