Report: Ratan kumar
Jamtara झारखंड के जामताड़ा जिले में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस अधीक्षक को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के रामपुर–माधोपुर गांव में दबिश दी। थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में तीन शातिर ठगों को रंगे हाथ दबोचा गया।
आधुनिक तकनीक और जालसाजी का नया तरीका
Jamtara गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भोला मंडल, विष्णु राय और सरफराज अंसारी के रूप में हुई है। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि ये अपराधी ठगी के लिए एक खतरनाक और नए तरीके का इस्तेमाल कर रहे थे। ये लोगों के व्हाट्सऐप पर फर्जी RTO ई-चालान से संबंधित एक APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता, उसका मोबाइल फोन हैक हो जाता था और ठग उनके ई-वॉलेट व बैंक खातों तक पहुंच बनाकर पैसे उड़ा लेते थे।
बरामदगी और आरोपियों का प्रोफाइल
Jamtara पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से 6 मोबाइल फोन और 7 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए हैं। इन उपकरणों का उपयोग वे देशभर के निर्दोष लोगों को अपना निशाना बनाने के लिए कर रहे थे। गिरफ्तार तीनों आरोपी जामताड़ा के ही विभिन्न गांवों के निवासी हैं और इनकी उम्र 22 से 27 वर्ष के बीच है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इनका यह नेटवर्क केवल झारखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पूरे देश में सक्रिय था।
सख्त कानूनी कार्रवाई और पुलिस की सक्रियता
Jamtara इस पूरे प्रकरण में जामताड़ा साइबर थाने में कांड संख्या 07/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब इनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि साइबर अपराध की इस जड़ों को पूरी तरह से काटा जा सके।





