रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad । उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के संरक्षण के दावों के बीच फिरोजाबाद से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है। थाना दक्षिण क्षेत्र में रहने वाली एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनके लकवाग्रस्त पति को अपने ही बेटे-बहू के अत्याचारों के कारण न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। पीड़िता का आरोप है कि संपत्ति के लालच में उनके बेटे और बहू ने उनका जीना दूभर कर दिया है।
संपत्ति विवाद और बेदखली के बाद बढ़ा उत्पीड़न
Firozabad पीड़िता के अनुसार, उनके बेटे नीतेश वर्मा और बहू आरती वर्मा ने प्रेम विवाह के बाद से ही संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू कर दिया था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बुजुर्ग महिला ने जिलाधिकारी के माध्यम से बेटे-बहू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल कर नोटिस भी भिजवाया। लेकिन न्याय मिलने के बजाय, इस कदम के बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। आरोप है कि बहू अपने मायके वालों को बुलाकर आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करती है।
आजीविका के साधन पर कब्ज़ा और मारपीट
Firozabad बुजुर्ग दंपति के लिए जीवन यापन का एकमात्र सहारा उनकी दुकान थी, लेकिन वह भी विवाद की भेंट चढ़ गई है। पीड़िता का आरोप है कि जून 2024 से दुकान बंद पड़ी है और बीते 8 फरवरी को आरोपियों ने हथौड़े से दुकान का ताला तोड़ने का प्रयास भी किया। विरोध करने पर बुजुर्ग दंपति के साथ मारपीट की गई। आलम यह है कि पैरालाइसिस से पीड़ित पति के इलाज तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं, क्योंकि आय का एकमात्र जरिया आरोपियों ने छीनने की कोशिश की है।
वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत सुरक्षा की मांग
Firozabad पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, जिसके कारण पुलिस की कार्रवाई ढीली है। बुजुर्ग महिला ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम 2014 का हवाला देते हुए अपनी संपत्ति की सुरक्षा, दुकान खुलवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन लाचार बुजुर्गों को उनके अपने ही घर में सम्मान और सुरक्षा दिला पाता है या नहीं।
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