Damoh । जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) भवन में एक प्रसूता और उसके परिजनों के साथ अभद्रता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अस्पताल के स्टाफ पर प्रसव के नाम पर अवैध वसूली और विरोध करने पर मारपीट के गंभीर आरोप लगे हैं। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद अब इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
लेबर रूम में मारपीट और पैसों की मांग
Damoh इम्लाई निवासी शैलेंद्र अहिरवार ने सिविल सर्जन को सौंपी लिखित शिकायत में बताया कि सोमवार शाम उनकी पत्नी सविता को प्रसव के लिए लेबर रूम ले जाया गया था। आरोप है कि सफल प्रसव के बाद वहां तैनात स्टाफ नर्सों ने पैसों की मांग शुरू कर दी। जब परिजनों ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ न केवल अभद्रता की गई बल्कि मारपीट की घटना भी हुई। इतना ही नहीं, प्रसूता को तीसरी मंजिल पर शिफ्ट करने के बदले भी रुपयों की मांग की गई, जिसमें सफाई कर्मचारी की संलिप्तता के भी आरोप हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर एक्शन में प्रशासन
Damoh घटना की शिकायत मंगलवार रात सीधे जिले के कलेक्टर से की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल सिविल सर्जन को निष्पक्ष जांच के आदेश दिए। गुरुवार को जब पीड़ित पक्ष शिकायत दर्ज कराने पहुंचा, तो वहां मौजूद स्टाफ नर्सों की पहचान कराई गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में तब स्थिति अजीब हो गई जब पीड़ित पक्ष ने मीडिया को बताया कि एक डॉक्टर द्वारा मामले को दबाने और रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: सिविल सर्जन
Damoh मामले के तूल पकड़ने के बाद सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटैल ने आधिकारिक तौर पर जांच कमेटी का गठन कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में इस तरह का व्यवहार और अवैध वसूली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. पटैल ने आश्वासन दिया है कि कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषी स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Read this: Morena : बेमौसम बारिश का कहर: महटौली तालाब ओवरफ्लो होने से एक दर्जन गांवों की फसलें जलमग्न





