By: Pramod Shrivastav
Swadesh Agenda में आज बात करेंगे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री के संबोधन की। बात संसद के सदन में प्रधानमंत्री के सुरक्षा सवालों की। बात लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पीएम मोदी से आग्रह की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उसे मानने की। बात लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही की और हंगामे की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बुधवार को लोकसभा में संबोधन नहीं हो सका था।
लेकिन गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। उनके भाषण की शुरुआत के दौरान जमकर हंगामा हुआ। बाद में विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वाम दल जैसे दलों की नाकामियों के बारे में बताया।
Swadesh Agenda: PM मोदी का कांग्रेस पर तीखा हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में हुए हंगामे पर तीखा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस ने न केवल राष्ट्रपति और संविधान का अपमान किया, बल्कि पूर्वोत्तर और दलित सांसदों का भी अपमान किया। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। ये संविधान का अपमान है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की नीतियों पर भी निशाना साधा। कहा कि अब जहां तक कांग्रेस का सवाल है, मैं साफ कहना चाहता हूं कि कुछ मत करो। सिर्फ लाल किले से कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों के जो भाषण हैं, उनका विश्लेषण कर लो। आपको साफ लगेगा कि न उनके पास कोई सोच थी, न उनके पास विजन था, न ही इच्छा शक्ति थी। इसका नतीजा देश को भुगतना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन में बिना नाम लिये राहुल का जिक्र तो था, लेकिन पूर्व आर्मी चीफ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ की अप्रकाशित किताब, चीन सीमा और सुरक्षा मुद्दे, भारत-अमेरिका के बीच हुई डील को लेकर लोकसभा में राहुल गांधी के पूछे सवालों का जवाब नहीं। बहरहाल अब निम्न सदन में न सही उच्च सदन में ही सही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात रखी। लेकिन सवाल यही है कि क्या लोकसभा के सदन में कल जो प्रधानमंत्री का संबोधन नहीं हुआ, क्या वाकई उनकी सुरक्षा को लेकर कोई संशय था। इसी मुद्दे पर हम बात करेंगे लेकिन पहले ये रिपोर्ट देख लेते हैं।
Swadesh Agenda: लोकसभा में अभूतपूर्व घटनाक्रम – 22 साल बाद पहली बार
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का सदन में ये खुलासा संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर रहा है। दरअसल लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बिना ही बजट सत्र के 7वें दिन याने आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पास किया गया। जो 2004 के बाद यानी 22 साल में पहली बार हुआ है। आपको बता दें कि सदन में पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब में चीन और डोकलाम के जिक्र और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सवाल पर संसद के बजट सत्र की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ी हुई है।
एक दिन पहले लोकसभा में पीएम मोदी को बोलना था, लेकिन उनके भाषण को रद्द कर दिया गया। ऐसे में अब दावा किया जा रहा है कि संसद में पीएम मोदी पर कांग्रेस ने हमले की साजिश की थी। इसके लिए विरोधी खेमे ने महिला सांसदों को आगे किया था। दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस ने पीएम मोदी पर शारीरिक हमले की साजिश रची, जिसके चलते लोकसभा को संबोधित नहीं करने का निर्णय लिया गया। हालात बिगड़ते देख सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। और इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन में गंभीर और अहम बयान दिया है।
Swadesh Agenda: स्पीकर ओम बिरला का बड़ा खुलासा

स्पीकर ओम बिरला ने सदन में कहा कि:
- उस दिन ऐसा माहौल था कि कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी।
- ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था।
- उन्हें पुख्ता जानकारी मिली थी कि कांग्रेस के कुछ सदस्य प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं।
- उन्होंने स्वयं सदन में ऐसे दृश्य देखे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी।
- यदि ऐसा होता तो यह न केवल अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होता, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को भी गहरा आघात पहुंचता।
- इसी आशंका से उन्होंने एहतियातन प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया।
- सदन के नेता ने मेरे आग्रह को मानकर सदन को अप्रिय दृश्य से बचाया।
- मैं प्रधानमंत्री का इसके लिए आभार व्यक्त करता हूं।
Swadesh Agenda: राज्यसभा में PM का विपक्ष पर तीखा प्रहार

लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन को संबोधित किया, और लोकसभा विपक्ष के हंगामे पर लेकर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष की हताशा और निराशा इतनी है कि वो देश के लोकतंत्र के मंदिर को भी नहीं छोड़ रहे हैं। वे लोकतंत्र के मंदिर और आदिवासी नेताओं का अपमान कर रहे हैं।
सरकार बनाम विपक्ष – तीखी बयानबाजी
स्पीकर ओम बिरला ने दोहराया कि सदन के अध्यक्ष के रूप में उनकी यह संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वे लोकसभा की उच्च परंपराओं और मर्यादा की रक्षा करें। अब इस पूरे मुद्दे पर सरकार के मंत्रियों का कहना है कि एक अबोध बालक की जिद के कारण सदन को बंधक बना लिया गया है। संसदीय इतिहास में काले अक्षर से इनका नाम लिखा जाएगा। जो व्यवहार विपक्ष दिखा रहा है, वो लोकतंत्र की मर्यादाओं के खिलाफ है।
Swadesh Agenda: कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इन दावों को ‘हास्यास्पद’ बताया और कहा कि पीएम को नुकसान पहुंचाने का सवाल ही नहीं उठता, वे अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। पवन खेड़ा ने सवाल किया कि क्या सरकार महिलाओं के विरोध को हिंसा या आतंकवाद मानती है। विपक्ष के सांसदों का आरोप है कि प्रधानमंत्री के पास बोलने के लिये कुछ है ही नहीं। शत्रुघ्न सिन्हा ने पूछा कि सरकार और विपक्ष के लिये रूल्स अलग-अलग क्यों हैं।
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बड़ा सवाल – क्या सच में खतरा था?
बहरहाल अब सदन में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जो भी हो, लेकिन राजनीतिक दावों और आरोपों से इतर सवाल यही है कि क्या संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में क्या परिंदा भी पर मार सकता है। सवाल ये भी कि क्या वाकई प्रधानमंत्री के साथ ऐसा कुछ हो सकता था जिसको लेकर लोकसभा स्पीकर और सत्ता पक्ष की ओर से आशंका व्यक्त की गई है, या फिर ये केवल लोकसभा स्पीकर का एक जुमला था।





