Report: Somnath mishra
जनहित याचिका पर सुनवाई और कोर्ट का आदेश
Jabalpur : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के दौरान चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डबल बेंच ने स्पष्ट किया कि अदालत की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग के वीडियो, क्लिप्स और रील्स को वायरल करना गलत है। कोर्ट ने यूट्यूब और इंस्टाग्राम को आपत्तिजनक यूआरएल हटाने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी। इसके अलावा कोर्ट ने निर्देश दिए कि अगले दो हफ्तों में सभी आपत्तिजनक यूआरएल कोर्ट के समक्ष पेश किए जाएं।

वीडियो रेवेन्यू पर भी हो सकती है कार्रवाई
Jabalpur हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि इस तरह के वायरल वीडियो से यूट्यूब और फेसबुक को आय हुई है, तो उस रेवेन्यू की रिकवरी भी की जा सकती है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को केवल कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी और लाभ पर भी नजर रखेगी।

पिछली याचिकाएँ और अगली सुनवाई
Jabalpur इस मामले से जुड़ी याचिका इससे पहले भी 2024 में दायर की गई थी, जिसमें आपत्तिजनक यूआरएल हटाने का आदेश जारी किया गया था। पूर्व आदेश का पालन न होने के कारण दमोह निवासी डॉक्टर विजय बजाज ने पुनः हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। डॉक्टर बजाज ने जनहित याचिका के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग वीडियो के दुरुपयोग को रोकने की मांग की थी। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।





