रिपोर्ट- गिर्राज बौहरे
फर्जी दस्तावेजों पर बने लाइसेंस, छह लोगों पर दर्ज प्रकरण
Bhind : जिले में फर्जी हथियार लाइसेंस का गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर हथियार लाइसेंस जारी किए गए, जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। आर्म्स शाखा प्रभारी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने छह व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोपियों में दो अन्य राज्य के निवासी भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिन पर नियमों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से लाइसेंस बनवाने का आरोप है।

पते निकले फर्जी, संगठित गिरोह की आशंका
bhind जब पुलिस ने आरोपियों के पते का भौतिक सत्यापन किया, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दर्ज पतों पर संबंधित व्यक्ति नहीं मिले और कई पते पूरी तरह फर्जी पाए गए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि केवल लाइसेंस ही नहीं, बल्कि पहचान और निवास संबंधी जानकारी भी जानबूझकर गलत दी गई थी। इस खुलासे के बाद पूरे मामले में किसी संगठित नेटवर्क या दलाल गिरोह की भूमिका की आशंका गहराती जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच, समिति गठित
bhind मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और एसपी के निर्देशन में विशेष जांच टीमें गठित की गई हैं, जो लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड और हथियारों की खरीद-फरोख्त की जांच कर रही हैं। वहीं कलेक्टर ने आर्म्स शाखा के रिकॉर्ड की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों के अनुसार यह मामला अभी शुरुआती दौर में है और जांच के दौरान और नाम सामने आ सकते हैं। यदि किसी भी स्तर पर विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय मानी जा रही है। फर्जी हथियार लाइसेंस का यह प्रकरण जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जिस पर पुलिस-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई में जुटा हुआ है।





