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Uttarakhand: अंकिता भंडारी केस: उत्तराखंड में कांग्रेस का बंद फेल, व्यापारियों ने जताया विरोध

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कांग्रेस का बंद जनता के बीच असफल
Uttarakhand :में कांग्रेस द्वारा बुलाया गया बंद जनसहयोग नहीं पा सका। आम जनता ने इसका समर्थन नहीं किया और व्यापारियों ने खुलकर विरोध किया। कांग्रेस ने इसे न्याय की आवाज बताया, लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता के अनुरोध पर पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी। इस स्थिति में बंद का कोई औचित्य नहीं बचा।

व्यापारियों और स्थानीय लोगों का विरोध
Uttarakhand बंद के दौरान देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में अधिकांश बाजार खुले रहे। कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुकानों को बंद कराने की कोशिश की, लेकिन व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। कुछ दुकानदारों ने जानबूझकर अपनी दुकानें खोली और कहा कि न्याय की बात सरकार से पूछो, जनता को परेशान मत करो।

राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रहा बंद
Uttarakhand कुछ स्थानों पर बंद समर्थकों और व्यापारियों के बीच नोकझोंक की खबरें भी आईं। कांग्रेस के दावे और जमीनी हकीकत में स्पष्ट अंतर दिखा। इस कारण यह बंद राज्यव्यापी जनांदोलन बनने के बजाय केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रह गया। उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी 19 साल की थी और 18-19 सितंबर 2022 को गायब हो गई थी। उसके तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 24 सितंबर को उसका शव चील नहर से बरामद किया गया।

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