by: vijay nandan
Bhopal News: भोपाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार देर रात शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यादगार-ए-शाहजहानी पार्क तलैया स्थित रैन बसेरे पहुंचकर वहां ठहरे राहगीरों और जरूरतमंदों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

Bhopal News: मुख्यमंत्री जरूरतमंदों को बांटे कंबल और पिलाई चाय
Bhopal News: मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में मौजूद लोगों का हालचाल जाना और उन्हें गर्मागर्म चाय परोसी। साथ ही ठंड से बचाव के लिए सभी को गर्म कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्दी के मौसम में किसी भी जरूरतमंद को असुविधा न हो और रैन बसेरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

Bhopal News: कड़ाके की ठंड में मुख्यमंत्री का संवेदनशील कदम
Bhopal News: इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने लाल परेड ग्राउंड स्थित शौर्य द्वार, काली मंदिर तलैया और अन्य क्षेत्रों में भी महिलाओं, बुजुर्गों, गरीबों और बेसहारा लोगों को कंबल वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि कड़ाके की ठंड में कोई भी व्यक्ति असहाय महसूस न करे।

Bhopal News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस मानवीय कदम की आमजन ने सराहना की है।
Bhopal News: कठिन समय में जमीनी स्तर पर नेतृत्व
Bhopal News: आपको बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी वे कई मौकों पर संवेदनशील और मानवीय प्रशासन की मिसाल पेश कर चुके हैं। सर्दी, गर्मी या बारिश जैसे कठिन मौसम में जरूरतमंदों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और तत्काल राहत पहुंचाना, मुख्यमंत्री की कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा है।
पिछले वर्षों में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ाके की ठंड के दौरान प्रदेश के विभिन्न शहरों में रैन बसेरों, फुटपाथों और बस स्टैंडों का औचक निरीक्षण किया है। इन दौरों के दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं की हकीकत जानी, बल्कि स्वयं कंबल, गर्म कपड़े और भोजन वितरण कर आमजन के बीच भरोसा पैदा किया। कई बार अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए गए कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी तरह की कमी न रहे।
कोरोना काल के दौरान उन्होंनमे जमीनी स्तर पर पहुंचकर श्रमिकों, गरीबों और बेसहारा लोगों के लिए भोजन, दवाइयों और आश्रय की व्यवस्थाओं की निगरानी की थी। उनका मानना है कि शासन की नीतियां तभी सफल होती हैं जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ये पहलें यह दर्शाती हैं कि शासन केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ काम कर रहा है। यही कारण है कि आमजन के बीच उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता की सराहना लगातार देखने को मिलती है।





