महाकुम्भ 2025 की तैयारियां लगातार जरी है। प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार महाकुम्भ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए हर कदम उठा रही है। महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की सुविधा को मद्देनज़र रखते हुए सरकार ट्रेन की सुविधा भी प्रदान करेगी। जानकारी के अनुसार 50 शहरों से महाकुम्भ के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। महाकुम्भ के दौरान रेलवे सिक्योरिटी के लिए जो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, वो डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। इसके अलावा महाकुम्भ के दौरान 8000 RAF के अतिरिक्त जवान तैनात किये जायेंगे। वहीं अलग-अलग भाषा बोलने वाले विभिन्न राज्यों से सिक्योरिटी बुलाई जाएगी। महाकुम्भ में एक दिन में 20 लाख यात्री रेल के माध्यम से प्रयागराज पहुंचेंगे। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 9 स्टेशनों का चयन किया गया है, जो सीधे-सीधे त्रिवेणी संगम से जुड़ेंगे।
9 स्टेशनों पर चल रहा है काम
प्रयागराज जंक्शन जो यहां का मुख्य स्टेशन है, इसके अलावा आठ ऐसे छोटे बड़े रेलवे स्टेशन हैं, जिनका रिकंस्ट्रक्शन का काम किया गया है। इन रेलवे स्टेशनों पर नए फुटओवर ब्रिज बनाए गए हैं। इन स्टेशनों की पेंटिंग की गई है। इसके अलावा स्टेशनों के आस-पास पार्किंग की सुविधा के लिए भी क्षेत्र बढ़ाया गया है। इसके साथ-साथ स्थाई होल्डिंग एरियाज का भी निर्माण किया गया है।
हर दिन आएंगे 20 लाख श्रद्धालु
महाकुम्भ में रेलवे के लिए सबसे बड़ा चैलेंज सिक्योरिटी को मैनेज करना होगा। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर एक दिन में करीब 20 लाख की आने वाली भीड़ की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके लिए 1313 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रेलवे स्टेशन के अंदर आने वाले हर व्यक्ति पर RPF के जवानों की कड़ी नजर होगी। इसके अलावा स्टेशनों के आसपास के मुख्य चौराहों पर भी सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। यह कंट्रोल रूम सीधे डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे।
13 हजार ट्रेनें की गई हैं तैयार
इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘पिछले ढाई साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में महाकुम्भ 2025 की तैयारियां की जा रही हैं। पिछले दो साल में इससे जुड़े कार्यों में 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। महाकुम्भ 2025 की तैयारियों की पिछले ढाई साल से नियमित समीक्षा की जा रही है। रास्ते में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 3000 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके लिए लगभग 10 हजार नियमित ट्रेनें चलाई जाएंगी। महाकुम्भ 2025 के लिए कुल मिलाकर 13 हजार ट्रेनें तैयार की गई हैं।





