Isa Ahmad
REPORT- ARUN KUMAR
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज फर्टिलाइज़र परिसर स्थित सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस, स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की स्मृति में निर्मित अत्याधुनिक जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण कर इस महान सैन्य अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, स्थानीय जनप्रतिनिधि और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम जीबीआर फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा जनरल रावत की चौथी पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया था।
मुख्यमंत्री ने जीवन और योगदान पर दिया प्रकाश
सीएम योगी ने जनरल रावत के जीवन, उनके कार्यों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “एक सच्चा देशभक्त यही चाहता है कि उसका देश आत्मनिर्भर और सुरक्षित हो। भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो हमें अपने महापुरुषों का सम्मान करना होगा। हमारी विरासत के गौरव को स्वीकार किए बिना राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता।”
उन्होंने आगे कहा,
“हम सिकंदर को महान बताने की परंपरा क्यों निभाएं? हमारे अपने महानायक- महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह जी और जनरल बिपिन रावत- हमारे असली गौरव हैं। इन्हीं से भविष्य की पीढ़ियां प्रेरणा लेंगी।”
सीमा पर तैनात सैनिकों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश के जवान दिन-रात सीमा की रक्षा कर रहे हैं, तभी 140 करोड़ देशवासी चैन की नींद सो पाते हैं।
प्रतिष्ठित अतिथियों ने किया पुष्पांजलि अर्पित
कार्यक्रम में रक्षा क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित अतिथि शामिल हुए, जिनमें लेफ्टिनेंट जनरल विकास लाखेड़ा, एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) आर.के.एस. भदौरिया, और जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मंजीत नेगी शामिल थे।
स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की सुपुत्रियां कृतिका रावत और तारिणी रावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। सभी ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर जनरल रावत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
ऑडिटोरियम की विशेषताएँ
गोरखपुर सैनिक स्कूल में बना नया जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम नवीनतम साउंड और लाइटिंग सिस्टम से युक्त है। इसमें 1000 से अधिक लोगों के बैठने की क्षमता है और यह भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के सैन्य और शैक्षणिक कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र बनेगा।





