Isa Ahmad
REPORT- LAXMI KANT TIWARI
चार हेड कांस्टेबल पर केस दर्ज
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती बंदी अतुल सिंह (निवासी उन्नाव) रविवार शाम पुलिस की कड़ी सुरक्षा को धता बताते हुए फरार हो गया। इस घटना ने बांदा पुलिस की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बंदी की तलाश में पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि फरार कैदी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
इलाज के बहाने मेडिकल कॉलेज गया था बंदी
बंदी अतुल सिंह को 17 नवंबर 2025 को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। उसकी सुरक्षा के लिए रिज़र्व पुलिस लाइन से चार हेड कांस्टेबल – सौरभ यादव, अजय सिंह, मुकेश कुमार और शत्रुधन सिंह – को तैनात किया गया था। इसके बावजूद बंदी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
कैसे हुई बड़ी चूक? मिनट–दर–मिनट घटनाक्रम
- शाम 5 बजे: सुरक्षा पर तैनात हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार और शत्रुधन सिंह भोजन करने चले गए।
- वार्ड में केवल सौरभ यादव और अजय सिंह मौजूद थे।
- करीब 6 बजे, जब मुकेश और शत्रुधन वापस लौटे-तो न बंदी मिला, न ड्यूटी पर तैनात दोनों सुरक्षाकर्मी!
- वार्ड स्टाफ ने बताया कि बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है।
फोन पर संपर्क करने पर सौरभ व अजय ने जवाब दिया-
“बंदी अस्पताल से निकल गया है, हम तलाश कर रहे हैं।”
काफी खोजबीन और चेकिंग के बाद भी बंदी का कोई सुराग नहीं मिला।
चारों हेड कांस्टेबल समेत बंदी पर FIR दर्ज
घटना की जानकारी मिलते ही प्रतिसार निरीक्षक वेलास यादव तत्काल सक्रिय हुए और उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। इसके बाद फरार बंदी और ड्यूटी पर तैनात चारों हेड कांस्टेबल के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोप है कि सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण बंदी मेडिकल कॉलेज से आसानी से फरार होने में सफल रहा।
क्या सिर्फ लापरवाही या कुछ और? उठ रहे बड़े सवाल
मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान किसी बंदी का इस तरह फरार हो जाना सिर्फ सुरक्षा चूक नहीं, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है-
- क्या बंदी को जानबूझकर मौका दिया गया?
- क्या सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से फरारी हुई?
- जांच में और क्या-क्या सामने आ सकता है?
अभी पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और बंदी की तलाश तेज कर दी गई है।





