Isa Ahmad
REPORT- ANUJ JAISWAL
बहराइच के नानपारा रेंज में पिछले कई दिनों से दहशत फैलाने वाले तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। बल्दुपुरवा, बाजपुरवा और पिपरिया क्षेत्रों में लगातार तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में भय का माहौल था। विभाग की लगातार कोशिशों के बाद शुक्रवार देर रात तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में राहत की लहर दौड़ गई।
बालक पर हमले की कोशिश से बढ़ी थी चिंता
5 दिसंबर की शाम को स्थिति तब गंभीर हो गई जब तेंदुए ने बल्दुपुरवा गांव में 10 वर्षीय अच्छेलाल पर हमला करने की कोशिश की। बच्चे के शोर मचाने पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी और तेंदुआ खेतों की ओर भाग गया। इस घटना के बाद वन विभाग ने तुरंत क्षेत्र में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया।
गन्ने के खेत में लगाया पिंजरा, बकरी को बनाया गया चारा
वन विभाग ने बबई नदी के पास घनी गन्ने की फसल वाले इलाके में पिंजरे लगाए और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की।
7 दिसंबर की रात लगभग 9 बजे, पिंजरे में बंधी बकरी पर हमला करने के दौरान तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। टीम ने तुरंत पूरे इलाके को घेरकर तेंदुए को सुरक्षित रूप से रेंज कार्यालय पहुंचाया।
तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ, नई जगह छोड़ा जाएगा
8 दिसंबर को उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश के नेतृत्व में टीम ने तेंदुए की जांच की। जांच में पता चला कि तेंदुआ 3–4 वर्ष का स्वस्थ नर है। रिपोर्ट संबंधित विभाग को भेज दी गई है और अनुमति मिलते ही तेंदुए को नए प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
घनी फसलें और जंगल की नज़दीकी बनी खतरा
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में गन्ने की घनी फसलें और जंगल की नज़दीकी के कारण जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्र में घुसने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, बच्चों को अकेले खेतों की ओर न जाने दें और किसी भी जंगली जानवर की गतिविधि दिखने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।





