संवाददाता: संजय कामडे
सौसर: नगर के वार्ड 12 के रिहायशी इलाके में संचालित जिनिंग मिल के कारण स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश है। फैक्ट्री से निकलने वाले धूल और लगातार चलने वाली मशीनों की आवाज़ के कारण स्वास्थ्य और जीवन स्तर पर गंभीर असर पड़ा है। सोमवार को निवासियों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को सामूहिक आवेदन सौंपकर मिल को तत्काल शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की। इस आवेदन की एक प्रति कलेक्टर पांढुर्णा को भी भेजी गई है।
नियमों की अनदेखी और स्वास्थ्य पर असर
निवासियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयां, खासकर जिनिंग मिलें, घनी आबादी वाले क्षेत्रों से दूर चलानी चाहिए, लेकिन यह मिल वर्षों से बीच-बीच में काम कर रही है। फैक्ट्री से निकलने वाले महीन रुई के रेशे हवा में लगातार फैलते रहते हैं, जिससे लोगों के खाने-पीने और सांस लेने तक पर असर पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, दमा और सांस संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थानीय डॉक्टरों ने भी इन बीमारियों का मुख्य कारण फैक्ट्री का प्रदूषण बताया है।
ध्वनि प्रदूषण और कंपन
मिल में 24 घंटे मशीनों के चलते आसपास के घरों में कंपन महसूस होता है। लगातार शोर के कारण लोगों को नींद नहीं आती, सिरदर्द, माइग्रेन और कान संबंधी रोग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, अन्य राज्यों से आने वाले ओवरलोड डंपरों की आवाजाही से भी परेशानी बढ़ रही है।
आंदोलन की चेतावनी
निवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए जिनिंग मिल को तुरंत रहवासी क्षेत्र से हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने और कानूनी विकल्प अपनाने के लिए बाध्य होंगे।





