BY: Yoganand Shrivastva
अयोध्या: को वैश्विक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान देने के प्रयत्न में यूपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित ‘मंदिर संग्रहालय’ परियोजना का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। यह संग्रहालय टाटा संस की सहभागिता में तैयार किया जाएगा।
25 एकड़ से बढ़ाकर 52.102 एकड़ की गई परियोजना भूमि
प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि मंदिर संग्रहालय की मूल योजना 25 एकड़ भूमि पर थी, जो मांझा जमथरा गांव की नजूल भूमि थी। टाटा संस ने इसे विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए अधिक भूमि की मांग की थी।
अब परियोजना के लिए कुल 52.102 एकड़ भूमि दी जाएगी।
• पहले वाली 25 एकड़ भूमि शामिल
• अतिरिक्त 27.102 एकड़ भूमि और जोड़ी गई
यह पूरी जमीन आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। इसके बाद यह भूमि 90 वर्षों की अवधि के लिए टाटा संस को सौंपी जाएगी ताकि संग्रहालय को विस्तृत और भव्य रूप दिया जा सके।
टाटा संस अपने CSR फंड से बनाएगा अत्याधुनिक संग्रहालय
टाटा संस ने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड के जरिए इस आधुनिक मंदिर संग्रहालय के निर्माण और संचालन की इच्छा जताई है।
इसके लिए कंपनी अधिनियम 2013 की धारा-8 के तहत एक गैर-लाभकारी संस्था बनाई जाएगी, जिसमें—
• केंद्र सरकार के प्रतिनिधि
• उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि
• टाटा संस के प्रतिनिधि
सभी शामिल होंगे।
इस परियोजना की भूमि आवंटन के लिए केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और टाटा संस के बीच त्रिपक्षीय समझौता 3 सितंबर 2024 को पहले ही हो चुका है।





