भोपाल: संविधान की मूल आत्मा पर मंथन, सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय में संगोष्ठी संपन्न

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Bhopal: Discussion on the basic spirit of the Constitution, seminar concluded at Sarojini Naidu Girls College

भोपाल: सरोजिनी नायडू कन्या महाविद्यालय में 1 दिसंबर 2025 को संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी ‘भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय’ विषय पर आयोजित की गई। कार्यक्रम में माननीय कैबिनेट मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा मुख्य अतिथि, संघचालक मध्य भारत प्रांत श्री अशोक पांडे मुख्य वक्ता तथा संस्कार भारती मध्य भारत प्रांत के अध्यक्ष एवं फिल्म अभिनेता श्री राजीव वर्मा कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना, अतिथि परिचय एवं माल्यार्पण से हुई। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. दीप्ति श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि महाविद्यालय में संवैधानिक मूल्यों और समान अवसरों का पालन सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि संस्था में पढ़ने वाली सभी छात्राओं के शिक्षा, सुरक्षा और करियर अवसरों को प्राथमिकता दी जाती है और शिक्षक अभिभावक की तरह उनकी जिम्मेदारी निभाते हैं।

संस्कार और सामाजिक व्यवस्था पर जोर

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राजीव वर्मा ने कहा कि समाज और राष्ट्र के उत्थान के लिए संस्कारों का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में नैतिकता और दायित्वभाव को महत्वपूर्ण बताया।

भारतीय संविधान सबसे बड़ा और सर्वग्राही, मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा

मुख्य अतिथि नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा संविधान है, जिसमें सामाजिक समरसता और समानता के लिए व्यापक प्रावधान हैं। उन्होंने प्रदेश में सामाजिक व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री कुशवाहा दिव्यांग छात्राओं के बीच पहुंचे, उनसे बातचीत की और उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी ज़रूरत के लिए छात्राएं निःसंकोच अपनी बात रखें।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने भोपाल के भिक्षुगृह में अनियमितताओं की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा—“भिक्षुओं को भोजन, आवास और पुनर्वास की सुविधा देकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।”

अधिकार नहीं, कर्तव्य, मुख्य वक्ता अशोक पांडे

मुख्य वक्ता श्री अशोक पांडे ने कहा कि भारतीय समाज में अक्सर अधिकारों की बात होती है, जबकि संविधान का वास्तविक आधार कर्तव्य भाव है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे राष्ट्र हित, समाज हित और नैतिक दायित्वों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा—“संविधान की वास्तविक आत्मा उसकी प्रस्तावना में निहित है।” उन्होंने छात्राओं को अच्छे नागरिक के गुण और समाज में अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में संस्कार भारती मध्य भारत प्रांत के महामंत्री श्री मोतीलाल कुशवाहा ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उस्ताद अलाउद्दीन खान संगीत अकादमी के उप निदेशक शेखर कराडकर, प्रचार प्रमुख एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. संदीप श्रीवास्तव, कॉलेज के शिक्षक, विद्यार्थी और संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम संचालन संस्कार भारती विदिशा संयोजक सुश्री पूर्वा त्रिवेदी ने किया।

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